Gold Hallmarking: घर में रखी है सोने की ज्वैलरी तो जरूर जान लें नया नियम
नई दिल्ली, जून 16। अगर आपने भी अपने भी अपन घर में सोने की ज्वैलरी रखी है तो आपके लिए बेहद ये खबर बेहद महत्वपूर्ण है। सोने से खरीद को लेकर नया नियम आज से लागू हो चुका है। ऐसे में अगर आपको इस नियम की जानकारी नहीं मिली तो आपको मुश्किलों का सामना करन पड़ सकता है। नए नियम की अनदेखी करना ज्वैलर्स को जहां जेल की सजा स लेकर भारी भरकम जुर्माने तक पहुंचा सकता है तो वहीं आपको भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में बेहतर हैं कि आप सोने की शुद्धता से जुड़े नियमों के बारे में जरूर जान लें।

सोने की खरीद से पहले जान लें ये नियम
अगर आपके घर में सोना रखा या सोने के गहने रखे है तो आपको गोल्ड हॉलमार्किंग के बारे में जानकारी होनी चाहिए। केंद्र सरकार ने 16 जून यानी आज से भारत में गोल्ड हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। यानी अब बिना गोल्ड हॉलमार्किंग के कोई भी सुनार या ज्वैलर्स आपको सोने की ज्वैलरी नहीं बेच सकेगा।

घर में रखें सोन के गहने का क्या होगा
गोल्ड हॉलमार्किंग के नए नियम के लागू होने के बाद अब लोगों के मन में टेंशन बढ़ रही है। उन्हें चिंता सता रही है कि उनकी पुरानी ज्वैलरी का क्या होगा। उन गहनों का क्या होगा, जो घर की तिजोरी में रखा है। क्या सरकार के इस फैसले से घर में रखी पुरानी ज्वैलरी को अब नहीं बेच सकेंगे? अगर आपके मन में भी इस तरह का कोई भी सवाल उठ रहा है तो आपको बता दें कि आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। आपका सोना पूरी तरह से सुरक्षित है और आप जब चाहे बिना किसी बाधा के इसे बेच सकते हैं। गोल्ड हॉलमार्किंग का नया नियम पुरानी ज्वैलरी पर लागू नहीं होगा।

बिना हॉलमार्किंग वाले गहनों को कर सकेंगे एक्सचेंज
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 15 जून 2021 के बाद भी लोग बिना हॉलमार्किंग वाली ज्वैलरी को एक्सचेंज कर सकते हैं। अगर आप चाहे तो अपन पुराने गहनों की हॉलमार्किंग करवा सकते हैं। ज्वैलर्स की मदद से आप अपने सोने के गहनों की हॉलमार्किंग करवा सकते हैं।

गोल्ड हॉलमार्किंग से जुड़ी खास बातें
- गोल्ड हॉलमर्किंग को 16 जून से अनिवार्य कर दिया गया है।
- हॉलमार्किंग का सबसे ज्यादा लाभ ग्राहकों को होता है।
- गोल्ड हॉलमार्किंग के जरिए सोने की खरीदारी के समय होने वाली धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।
- आपको सोने की शुद्धता की गारंटी मिलती है।
- गोल्ड हॉलमार्किंग की अनिवार्यता क बाद ज्वैलर्स के लिए बीआईएस स्टैंेडर्ड के मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
- मानकों को पूरा नहीं करने पर ज्वैलर्स क खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान है।
- गोल्ड हॉलमार्किंग के बाद जौहरियों को 14, 18 और 22 कैरेट सोने के गहने बेचने की अनुमति होगी।












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