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आईएल एंड एफएस संकट: दांव पर आम लोगों की कमाई, सरकारी सूत्रों का धोखाधड़ी से इनकार नहीं

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नई दिल्ली। सरकारी सूत्रों से न्यूज एजेंसी एनआई को पता चला है कि इंफ्रास्ट्रक्टर निवेश से जुड़ी सरकारी क्षेत्र की कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (आईएल एंड एफएस) मामले में धोखाधड़ी से इनकार नहीं किया जा सकता है। सूत्रों ने कहा है कि फिलहाल अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं साथ में कंपनी की ओर से किए गएगैर जरूरी खर्चों पर भी नजर है। अधिकारी ने कहा है कि अगले हफ्ते बोर्ड के अधिकारी इस मामले की जांच के संबंध में मिलेंगे।

Fraud cannot be ruled out in IL and FS case, Says Govt Sources

अधिकारी ने कहा कि आईएल एंड एफएस का यह मामला नेशनल फाइनेंसियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी की नजर में है। सूत्र ने कहा है कि कंपनी जारी रखने के लिए 100 करोड़ रुपए महीने की जरूरत है। हालांकि फिर भी नया बोर्ड इस मैटर को लला झंडी दिखा सकता है। सूत्र ने कहा कि बोर्ड के अधिकारी क्लेम सेटमेंट के लिए नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पास भी गए थे।

क्या है पूरा मामला?
इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (आईएल एंड एफएस) अपने कर्जों की किस्त नहीं चुका पा रही है। जिसकी वजह से कई बड़े बैंक संकट में आ गए हैं। इसके साथ-साथ आम लोगों की कमाई भी दांव पर लगी है क्योंकि लोगों का प्रोविडेंट फंड और पेंशन में पैसा लगा है। आईएल एंड एफएस पर कुल 90,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी सरकारी कंपनियों की है। 2017-18 के आंकड़ों के अनुसार, आईएल एंड एफएस समूह में 169 कंपनियां हैं।

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English summary
Fraud cannot be ruled out in IL and FS case, Says, Govt Sources
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