NSE की पूर्व CEO चित्रा रामकृष्ण को मनी लॉन्ड्रिंग केस में मिली जमानत
मनी लॉन्ड्रिंग केस में एनएसई की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण को दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण को जमानत दे दी है। कोर्ट ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत दी है। चित्रा रामकृष्ण के खिलाफ एनएसई के कर्मचारियों का कथित तौर पर फोन टैप करने का आरोप लगा था, इसके साथ ही उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का भी केस दर्ज हुआ था। अब इस मामले में दिल्ली की कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। गौर करने वाली बात है कि कोर्ट ने पहले ही फोन टैपिंग केस में चित्रा का जमानत दे दी थी, मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी अब उन्हें जमानत मिल गई है।
इससे पहले कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में चित्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया था। दिल्ली हाई कोर्ट के जज ने कहा था कि साइबर सिक्योरिटी फर्म iSec ने कथित फोन टैपिंग से 4.54 करोड़ रुपए कमाए थे। फर्म ने इस फोन कॉल की टैपिंग का गलत इस्तेमाल करके पैसा कमाया है। iSec की मदद करके एनएसई को वित्तीय घाटा पहुंचाया गया जोकि गैरकानूनी है। iSec और एनएसई के बीच डील फाइनल हुई थी। सीबीआई यह जानने की कोशिश कर रही है किएनएसई की तत्कालीन मुखिया चित्रा रामकृष्ण और रवि नारायण यह जानना चाहते थे कि एनएसई के कर्मचारी क्या चर्चा कर रहे हैं या वह जानने की कोशिश कर रहे थे कि क्या वह एक्सचेंज की जानकारी को लीक कर रहे हैं।
बता दें कि चित्रा रामकृष्ण को सीबीआई ने पिछले साल मार्च माह में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली कोर्ट में पेश किया गया, जहां उनकी जमानत रद्द हो गई। चित्रा रामकृष्ण 2013 से 2016 के बीच एनएसई की सीईओ रही हैं। कथित जासूसी का मामला वर्ष 2019 से 2017 के बीच का है। अहम बात यह है कि इसी बीच को-लोकेशन घोटाला भी सामने आया था। जासूसी करने वाली मशीन को एनएसई ने ई वेस्ट के तौर पर डिस्पोज कर दिया था।












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