वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रुपया-डॉलर में वायदा और विकल्प कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च किया
नई दिल्ली- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज गुजरात के गांधीनगर स्थित जीआईएफटी सिटी स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर में रुपया-डॉलर डेरिवेटिव की शुरुआत की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए दो अंतरराष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज बीएसई के इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के एनएसई-आईएफएससी के लिए यह शुरुआत की है। इसके लिए उन्होंने इलेक्ट्रोनिक घंटी बजाई और इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज में रुपये और डॉलर में वायदा और विकल्प कॉन्ट्रैक्ट ट्रेडिंग शुरू होने की घोषणा की है।

पिछले एक दशक या उससे भी ज्यादा समय में भारत के वित्तीय सेवाओं से जुड़ा मार्केट शेयर का एक बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों की ओर चला जाता था। आज शुरू हुए नए कदम से यह कारोबार भारत में आएगा जो निश्चित ही हमारी आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नजरिए से बहुत ही फायदेमंद कदम माना जा रहा है। जीआईएफटी-आईएफएससी एक्सचेंज में रुपया-डॉलर के बीच कॉन्ट्रैक्ट्स होना उसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आधिकारिक बयान के मुताबिक विश्व के सभी टाइम जोन में जीआईएफटी-आईएफएससी के ग्लोबल पार्टिसिपेंट्स के लिए 22 घंटे इस अंतरराष्ट्रीय सौदे का मौका उपलब्ध रहेगा।
बता दें कि इंडिया आईएनएक्स भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज है। जानकारों के मुताबिक इस कदम से रिजर्व बैंक को रुपये की गिरावट को कम करने में मदद मिलेगी। खासकर दुबई और सिंगापुर जैसे फॉरेन ट्रेड सेंटर की वजह से रुपये में जो अक्सर गिरावट देखने को मिलती है, नए समझौते से उसपर लगाम लगने की उम्मीद बढ़ गई है। बता दें कि रुपये और डॉलर के बीच आईएफएससी को लेकर हुआ ये समझौता रुपये पर विदेशी प्रभाव को बहुत ही सीमित कर देगा। वर्ल्ड क्लास कारोबार का माहौल देने और GIFT-IFSC में प्रतियोगी टैक्स की व्यवस्था के बीच रुपये और डॉलर के बीच ट्रेडिंग से भारत में बहुत ज्यादा निवेश का अनुमान है। आईएफएससी और वैश्विक रूप से भारत के आईएफएससी के जुड़ाव से भारत में वैश्विक सहभागिता में बहुत ज्यादा इजाफे की संभावना है।












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