भारत के एक मात्र उद्योगपति, जिनकी संपत्ति में लॉकडाउन के बाद भी हुआ इतना बड़ा इजाफा!
मुंबई। कोरोना वायरस महामारी में देशव्यापी लॉकडाउन में एक तरफ जहां दुनिया भर की अर्थव्यवस्था चौपट हुई जा रही है और बड़े से बड़े उद्योगपतियों का व्यापार ठप पड़ चुका है, लेकिन इसी बीच सुपरमार्केट टाईकून राधाकिशन दमानी की नेटवर्थ में इजाफा देखा गया है, जिसका श्रेय लॉकडाउन के बीच उन लाखों जमाखोरों को जाता है, जिन्होंने घबड़ाहट और डर में जरूरी समानों का अनावश्यक स्टॉक भर लिया हैं।

यही वजह है कि भारतीय टाइकून राधाकिशन दमानी का नेटवर्थ दूसरे हमवतन अरबपति उद्योगपति साथियों की तुलना तेजी से बढ़ा है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स द्वारा ट्रैक आंकड़ों के मुताबिक एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड को नियंत्रित करने वाले राधाकिशन दमानी की नेटवर्थ इस साल करीब 11% बढ़कर 10.7 अरब डॉलर हो गई है, जो उन्हें 12 अरबपति भारतीयों में सबसे अधिक लाभ कमाने वालों में दर्शाती है। इसी वर्ष दमानी की कुल संपत्ति में योगदान करने वाले एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयर 24 फीसदी एडवांस हुए हैं।

मुंबई के एक टेनमेंट ब्लॉक में एक-कमरे के अपार्टमेंट में पले-बढ़े भारतीय टाइकून राधाकिशन दमानी के नेटवर्थ में ऐसे समय में उछाल दिखा है जब शेयर बाजार लगातार गिर रहे हैं और उनके हमवतन अरबपति मुकेश अंबानी और उदय कोटक के नेटवर्थ में इस डर से एक चौथाई से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है कि महामारी आर्थिक विकास को प्रभावित करेगी।

माना जाता है कि अपनी मितव्ययी लागत संरचना के लिए मशूहर राधाकिशन दमानी की सुपरमार्केट श्रृंखला को यह फायदा पिछले महीने भारत सरकार द्वारा कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा के बाद हुई है, क्योंकि 130 करोड़ भारतीयों द्वारा अनिवार्य घरेलू सामनों की अंधाधुंध खरीद की गई है।

मुंबई में एक निवेश सलाहकार फर्म क्रिश के निदेशक अरुण केजरीवाल ने बताया कि लॉकडाउन के बाद घबराहट में लोग जरूरी सामानों की जमाखोरी करने में लग गए थे, जिसने शेयर बाजार में भगदड़ के बावजूद राधाकिशन दमानी की कंपनी के शेयर को एक कवच प्रदान किया। उनके मुताबिक कंपनी की अनोखी नो-फ्रिल्स मॉडल और मॉल के बाहर के स्थानों से संचालन का चुनाव कंपनी को परिस्थिति से उबरने में मदद करेगा।

वैक्सीन निर्माता की स्थापना के जनक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मालिक साइरस पूनावाला 12 अरबपति भारतीय उद्योगपतियों में केवल दूसरे ऐसे भारतीय टाइकून हैं, जिनकी संपत्ति 2020 में बढ़ी है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार 2020 में पूनावाला की कुल संपत्ति 2.6% बढ़कर 8.9 अरब डॉलर हो गई है।

माना जाता है कि कम-लागत वाले मॉडल एवेन्यू सुपरमार्ट्स के डी-मार्ट स्टोरों को लॉकडाउन खत्म होने के बाद स्थिति खराब नहीं होगी। सुपरमार्केट श्रृंखला ग्राहकों को बिना तामझाम वाले उत्पादों के कम विकल्प देकर पैसा कमाती है, वह अपने विक्रेताओं के साथ बेहतर मोल-भाव करती है और विज्ञापन खर्च से बिल्कुल बचती है।

कहा जाता है कि समान परिस्थितियों में डी-मार्ट के प्रतिद्वंदियों को उतना लाभ नहीं हुआ है। इनमें फ्यूचर ग्रुप का शामिल है, जो भारत की दूसरी सबसे बड़ी रिटेल श्रृंखला चलाती है और देश भर में उसके करीब 1,300 से अधिक स्टोर हैं, लेकिन बढ़ते ऋण संकट के बीच देखा गया कि इस साल उसके रिटेल इकाई के शेयरों ने 80 फीसदी गोता खाया।

एवेन्यू सुपरमार्ट्स और दमानी की संभावनाएं तब तक उज्ज्वल हैं जब तक भारत के तेजी से बढ़ते उपभोक्ता सामानों के लिए आपूर्ति श्रृंखला बाधित नहीं होती है। माना जा रहा है कि लॉकडाउन में विस्तार डी-मार्ट की अलमारियों को खाली कर सकता है, क्योंकि अभी के लिए दमानी के स्टोर अपने रैक को फिर से भरने के लिए प्रबंधन कर रहे हैं।

पी.एन. फिनोविती कंसल्टिंग प्राइवेट के पीएन विक्रमण ने बताया कि भारत में बहुत कम सूचीबद्ध रिटेलर हैं, जो एवेन्यू सुपरमार्ट्स की तुलना में बेहतर हैं और जो इस संकट में एक बचाव कर पाए हैं। विक्रमण के मुताबिक एवेन्यू सुपरमार्केट ने उपभोक्ता मुख्य जरूरतों की बढ़ती मांग को पूरा करते हैं और उन्होंने एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला में निवेश करने के लिए वर्षों में अपने नकदी प्रवाह का उपयोग किया है।"
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