Crypto Exchange FTX Crash: कौन हैं निषाद सिंह, जांच के घेरे में आ गया जिनका नाम
क्रिप्टो एक्सचेंज FTX क्रैश होने से दुनियाभर में खलबली मची हुई है। उसके मालिक सीईओ सैम बैंकमैन ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद कंपनी के दिवालिया होने का आवेदन कर दिया। इस पूरे मामले में एक भारतीय मूल के युवक का भी नाम सामने आ रहा, जिनका नाम निषाद सिंह है। वो भी जांच के घेरे में आ गए हैं। इसके बाद से लोग उनके बारे में सर्च कर रहे। आइए जानते हैं उसने जुड़ी 5 अहम बातें-

- निषाद सिंह ने कैलिफोर्निया के क्रिस्टल स्प्रिंग्स अपलैंड्स स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद 2017 में उन्होंने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंफ्यूटर साइंस की डिग्री ली।
- निषाद सिंह दिसंबर 2017 में एफटीएक्स की सहयोगी संस्था अल्मेडा रिसर्च में शामिल हुए, जो विवाद के केंद्र में है। इससे पहले उन्होंने करीब पांच महीने तक फेसबुक में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया था। उन्होंने अपने लिंक्डइन प्रोफाइल में इसका जिक्र किया है।
- अल्मेडा रिसर्च में निषाद 17 महीने तक डायरेक्टर ऑफ इंजीनियरिंग रहे। फिर वो अप्रैल 2019 में क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज FTX में चले गए और तब से टॉप इंजीनियरिंग पोस्ट पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
- कंपनी के एक शख्स ने नाम ना छापने की शर्त पर क्रिप्टो न्यूज वेबसाइट कॉइनडेस्क को बताया कि निषाद सिंह FTX फाउंडर के करीबियों में से एक थे। वो उसके कोड, एक्सचेंज मैचिंग इंजन और फंड को कंट्रोल करते थे। अगर वो नंबर को इधर-उधर करते हैं, तो कोई भी उनसे सवाल करने वाला नहीं था।
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सैम बैंकमैन ने एफटीएक्स से अल्मेडा को 10 बिलियन डॉलर का फंड ट्रांसफर किया था। अल्मेडा रिसर्च की सीईओ कैरोलीन एलिसन ने बुधवार को एक वीडियो मीटिंग में कर्मचारियों से कहा था कि उन्हें सैम बैंकमैन-फ्राइड और दो अन्य सीनियर निषाद सिंह और गैरी वांग को इस बात की जानकारी थी कि कस्टर फंड अल्मेडा में ट्रांसफर किया जा रहा।












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