Credit Card Limit: इन गलतियों की वजह से घट सकती है आपके कार्ड की लिमिट
Credit Card Limit: क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल पिछले कुछ सालों में काफी तेजी से बढ़ा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि लोगों को 50 दिन के लिए ब्याज रहित पैसा इस्तेमाल के लिए मिल जाता है, इसके साथ ही कई तरह के ऑफर, क्रेडिट रिवॉर्ड आदि भी मिलता है जोकि ग्राहकों को लुभाता है।
लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मार्च 2023 में जो रिपोर्ट सामने आई है उसके अनुसार क्रेडिट कार्ड डिफॉल्टर की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट में 1.94 फीसदी यानि 4072 करोड़ रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है।

जुलाई 2023 को कई एसबीआई कार्ड के ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड की लिमिट को कम कर दिया गया था। बैंक के इस कदम के बाद सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की लोग मांग कर रहे थे और इसकी वजह पूछ रहे थे।
टेक्नोफिनो के फाउंडर सुमंत मंडल ने बताया कि एसबीआई कार्ड की ही लिमिट को ही नहीं कम किया गया है, बल्कि और बैंकों के क्रेडिट कार्ड लिमिट को कम किया गया है। जिसमे एचडीएफसी बैं, आरबीएल बैंक और अन्य बैंक शामिल हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि किन वजहों से क्रेडिट कार्ड की लिमिट कम होती है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट 4072 करोड़ रुपए का हुआ है, जबकि क्रेडिट कार्ड की आउटस्टैंडिग में भी मार्च 2022 की तुलना में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हुई है। मार्च 2022 में यह 1.64 लाख करोड़ रुपए थी, जोकि मार्च 2023 में बढ़कर 2.10 लाख करोड़ रुपए हो गई है।
कार्ड इंसाइडर के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर और को फाउंडर अंकुर मित्तल ने बताया कि अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड की पेमेंट करन में कई बार देरी करते हैं तो बैंक आपको जोखिमभरा ग्राहक मानने लगता है। जिसकी वजह से वह आपकी क्रेडिट कार्ड की लिमिट को कम कर देता है।
समय पर भुतान नहीं करना
इसके साथ ही क्रेडिट कार्ड की पेमेंट भी एक बड़ी वजह होती है जिसकी चलते आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित होता है। समय से कार्ड का बिल देने पर यह अच्छा रहता है, जबकि देरी करने पर या फिर पेमेंट नहीं करने पर क्रेडिट स्कोर काफी तेजी से घटता है।
न्यूनतम भुगतान
लिहाजा आपको अपने क्रेडिट कार्ड की पेमेंट को न्यूनतम भुगतान के साथ नहीं छोड़ना चाहिए। यह जरूरी है कि आप अपने कार्ड का पूरा भुगतान एक साथ करें ताकि आप कर्ज के जाल में ना फंसे। रिपोर्ट के अनुसार जून 2023 की तिमाही में क्रेडिट कार्ड का डिफॉल्ट काफी बढ़ा है।
क्रेडिट यूटिलाइजेशन
वहीं अगर आपके कार्ड की लिमिट एक लाख रुपए है और तो आपको महीने में 40 हजार रुपए ही इससे खर्च करने चाहिए। आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन 40 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। अगर आपके पास दो कार्ड हैं जिसकी लिमिट 1-1 लाख है तो दोनों कार्ड से आपको अधिकतम 54 हजार से अधिक नहीं खर्च करना चाहिए।
क्रेडिट यूटिलाइजेशन अधिक होने पर भी आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित होता है। बैंक आपको जोखिमभरे ग्राहक की सूचि में रखता है। बैंक को ऐसा लगता है कि आप क्रेडिट कार्ड पर अधिक निर्भर हैं जिसकी वजह से बैंक आपकी क्रेडिट लिमिट को बढ़ाता नहीं है।
अधिक क्रेडिट लिमिट होने पर
इसके अलावा अगर आपके पास कई क्रेडिट कार्ड हैं तो आपके सभी कार्ड की क्रेडिट लिमिट काफी अधिक हो जाती है। ऐसे में जितने अधिक कार्ड होते हैं उतने अधिक रेड फ्लैग भी आते हैं अगर आप अधिक खर्च करते हैं या फिर समय से भुगतान नहीं करते हैं. जिसका असर काफी तेजी से आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है।
लंबे समय तक निष्क्रिय रहने, आर्थिक अस्थिरता
इसके अलावा लंबे समय तक अगर आपका क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल नहीं हो रहा है तो इस वजह से भी आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट को कम किया जा सकता है। साथ ही अस्थिर अर्थव्यवस्था होने की वजह से भी बैंक क्रेडिट कार्ड की लिमिट को कम कर सकती हैं। बैंकों को लगता है कि ऐसे हालात में ग्राहकों को भुगतान करने में दिक्कत आ सकती है।
क्या करें क्रेडिट लिमिट कम होने पर
क्रेडिट लिमिट कम होने पर आप अपने बैंक को संपर्क कर सकते हैं। बैंक से इसकी वजह पूछ सकते हैं। बैंक की ओर से जानकारी मिलने पर अगर आप सच में किसी वजह से भुगतान नहीं कर पाएं और बैंक को यह सही लगता है तो बैंक आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट को बढ़ा सकता है।












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