CNG-PNG: मोदी सरकार की नई नीति के बाद जानिए कितनी सस्ती होगी गैस
CNG-PNG: मोदी सरकार की नई नीति के लागू होने के बाद शनिवार से सीएनजी और पीएनजी के दाम में गिरावट देखने को मिलेगी। आइए डालते हैं एक नजर कितनी सस्ती हो सकती हैं कीमतें।

CNG-PNG: प्राकृतिक गैस की कीमतों को तय करने के लिए अब मोदी सरकार नया फॉर्मूला लेकर आई है। इस फॉर्मूले को मोदी सरकार की कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद सीएनजी-पीएनजी के दाम कम हो जाएंगे।
नई नीति के तहत सीएनजी और पाइप से आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस पीएनजी की भी अधिकतम कीमतों को तय किया गया है। कम से कम कीमतों को 4 डॉलर और अधिकतम कीमत को 6.5 डॉलर रखा गया है।
दिल्ली में इतने हो सकते हैं दाम
नई नीति के बाद गैस के दाम में शनिवार से गिरावट देखने को मिलेगी। अगर अनुमान के आधार पर कीमतों का आंकलन करेंतो दिल्ली में सीएनजी के दाम 79.56 रुपए प्रति किलोग्राम हैं, जो घटकर 73.59 रुपए हो सकते हैं। जबकि पीएनजी के दाम 53.59 रुपए प्रति किलो से कम होकर 47.59 रुपए हो सकते हैं।
मुंबई-पुणे-बेंगलुरू में संभावित दाम
मुंबई में सीएनजी के दाम 87 रुपए हैं जोकि कम हो होकर 82 रुपए हो सकते हैं। जबकि पीएनजी 59 रुपए से घटकर 54 रुपए हो सकती है। पुणे में सीएनजी 92 से घटकर 87 रुपए और पीएनजी 57 रुपए से घटकर 52 रुपए हो सकती है। बेंगलुरू की बात करें तो यहां सीएनजी 89.05 रुपए से कम होकर 83.5 रुपए प्रति किलोग्राम हो सकती है, जबकि पीएनजी 55.5 रुपए प्रति किलोग्राम से कम होकर 52 रुपए प्रति किलोग्राम हो सकती है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस बात की जानकारी मंत्रिमंडल की बैठक के बाद दी। उन्होंने बताया कि शनिवार से घरेलू गैस की कीमतों को तय करने की प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। इस फैसले से गैस की कीमतें सस्ती हो जाएंगी।
दाम में होगी गिरावट
नई नीति के लागू होने के बाद पीएनजी के दाम में 10 फीसदी की गिरावट और सीएनजी के दाम में 6-9 फीसदी की गिरावट देखने को मिलेगी। अनुराग ठाकुर ने बताया कि मंत्रिमंडल ने एपीएम (प्रशासित मूल तंत्र) गैस के लिए 4 डॉलर प्रति MMBTU के आधार पर कीमतों को मंजूरी दी है, जबकि इसकी अधिकतम कीमत 6.5 डॉल प्रति यूनिट होगी।
अधिकतम सीमा तय
कैबिनेट के फैसले के बाद एपीएम गैस की कीमत कच्चे तेल का 10 फीसदी होगी। यह कीमत 6.5 डॉलर प्रति दस लाख से अधिक नहीं हो सकती है। मौजूदा समय में गैस की कीमत 8.57 प्रति एमएमबीटीयू है। कीमतों का निर्धारण हर महीने होगा। पहले इसकी समीक्षा साल में सिर्फ दो बार होती थी। सरकार के इस कदम से सीएनजी और पीएनजी के दाम में गिरावट देखने को मिलेगी।
आम लोगों को होगा लाभ
अनुराग ठाकुर ने कहा कि घरेलू गैस की कीमतों के निर्धारण की नीति में बदलाव किया गया है। अब घरेलू गैस के दाम का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों की बजाए आयात किए जा रहे कच्चे तेल से निर्धारित होगा। घरेलू गैस का दाम अब इंडियन क्रूड बास्केट के अंतरराष्ट्रीय कीमत का 10 फीसदी होगा। इस निर्णय का सीधा लाभ घर में पाइप से इस्तेमाल किए जाने वाली गैस और गाड़ियों में इस्तेमाल करने वालों को सीधा होगा।
दो साल में दाम में सर्वाधिक बढ़ोत्तरी
पहले देश में उत्पादित गैस के दाम, चार अंतर्राष्ट्रीय गैस हब में प्राकृतिक गैस के दाम के वेटिंग के औसत पर निर्धारित किए जाते हैं। अनुराग ठाकुर ने बताया कि इस नीति को 1 नवंबर 2014 में लागू किया गया था। इसके आधार पर दाम को हर 6 महीने पर निर्धारित किया जाता था। वैश्विक कारणों की वजह से पिछले 2 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सर्वाधिक बढ़ोत्तरी हुई है। घरेलू गैस का निर्धारित दाम 1 अक्टूबर 2020 में 1.79 डॉलर प्रति MMBTU था, जोकि 1 अक्टूबर 2022 में 8.57 डॉलर MMBTU हो गया।
कमेटी के सुझाव को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुरानी नीति की वजह से जो पाइप नेशनल गैस और नैचुरअल गैस के जो उपभोक्ता थे, उन्हें काफी महंगे दाम का बोझ उठाना पड़ रहा था। लेकिन लोगों पर यह बोझ ना पड़े, इसके लिए एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया गया था। एक्सपर्ट कमेटी ने जो अपना सुझाव दिया है, उसके आधार पर ही यह संशोधन किया गया है। पहला संशोधन यह है कि घरेलू गैस के दाम को अंतरराष्ट्रीय गैस हब की बजाए इंपोर्टेड क्रूड के साथ लिंक कर दिया गया है। मान लीजिए अगर क्रूड का दाम 85 डॉलर है तो उसका 10 फीसदी यानि 8.5 फीसदी ही गैस का दाम होगा। कीमतों को हर महीने तय किया जाएगा, नाकि छह महीने में।












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