बीमा क्षेत्र में 49 फीसदी FDI को मंजूरी दी- अरुण जेटली

सरकार का मानना है कि इंश्योरेंस सेक्टर में एफडीआई से बीमा कम्पनियों की क्षमता में बढ़ोतरी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गठित की गई मंत्रिमंडलीय समिति ने यह निर्णय लिया है। जिसके बाद अब बीमा क्षेत्र में एफडीआई निवेश की सीमा 26 से बढ़कर 49 फीसदी हो जाएगी। अब सवाल है कि सरकार कौन से हथकंडे बड़े विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए अपनाती है।
काफी समय से अटकी थी मांग
औद्योग जगत का एक बड़ा तबका इसके लिए लॉबिंग करने में लगा था। वहीं वामपंथी तबका इसके विरोध में सुर उठा रहा था। इंश्योरेंस सेक्टर में एफडीआई की सीमा को बढ़ाने की मांग काफी समय से अटकी थी। यूपीए सरकार राजनीतिक संकट के कारण इस पर अमल नहीं कर सकी थी।
अब क्या होगा फायदा
इस पहल से बीमा कंपनियों को विदेशी भागीदारों से पूंजी प्राप्त करने में मदद मिलेगी जिसकी उन्हें बेहद जरूरत है। दरअसल भारतीय बीमा कम्पनियों के पास इतना पैसा नहीं होता है, कई बार बीमा कम्पनियां भारी घाटे में चली जाती हैं जिसके कारण बीमा क्षेत्र में कई पॉलिसियां कम्पनियों के लिए सिर का दर्द बन जाती थीं।












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