आखिर क्या है ये प्रॉपर्टी इंडेक्सेशन जिसे खत्म करके सरकार ने प्रॉपर्टी बेचने वालों को दिया बड़ा झटका

Property Indexation: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में प्रॉपर्टी बेचकर उसकी कीमतें बढ़ाने वालों पर शिकंजा कसने की कोशिश की है। प्रॉपर्टी की बिक्री पर इंडेक्सेशन लाभ को खत्म करने की वित्त मंत्री ने बजट में घोषणा की है। यानि जो लोग प्रॉपर्टी बेचकर उसकी कीमत को बढ़ाने की कोशिश करते थे, अब वह नहीं हो पाएगा।

जो लोग प्रॉपर्टी को खरीदने के बाद मुनाफे के लिए बेचते हैं, सरकार ने इस बजट में उन लोगों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने प्रॉपर्टी इंडेक्सेशन को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस सेक्टर के लिए यह बड़ा झटका है। इसके साथ ही सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर आप 50 लाख रुपए से अधिक की कीमत पर बेचते हैं तो आपको टीडीएस देना होगा।

property

प्रॉपर्टी की कीमतों में होता है इजाफा

मान लीजिए आपने कोई प्रॉपर्टी 10 साल पहले 10 लाख रुपए की खरीदी है और आज इसे आप बेचते हैं तो इसके दाम बढ़ जाएंगे। औसतन 10 साल पहले खरीदी गई प्रॉपर्टी के दाम ढाई गुना हो जाते हैं। ऐसे में अगर आप आज अपनी प्रॉपर्टी को बेचते हैं तो आपको 15 लाख रुपए का फायदा होगा। लिहाजा आपको 15 लाख रुपए पर 12.5 फीसदी की दर से लॉन्ग टर्म टैक्स देना होगा।

महंगाई दर का असर

लेकिन यहां गौर करने वाली बात है कि आप 10 साल के बाद अपनी प्रॉपर्टी को बेच रहे हैं, इस दौरान महंगाई भी बढ़ी है, जिसका इसपर असर हुआ है। इसी अंतर को खत्म करने के लिए इंडेक्सेशन किया जाता है।

यानि महंगाई को ध्यान में रखते हुए प्रॉपर्टी के दाम को इंडेक्स किया जाता है और असल में आपको जो मुनाफा हुआ है, उसी पर आपको टैक्स देना होता है।

क्या है CII

सरकार हर वर्ष CII यानि कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स को जारी करती है। इसका बेस वर्ष 2001-02 है। 2001 में इसकी वैल्यू 100 थी, जो हर वर्ष बढ़ती है। मान लेते हैं आपने कोई प्रॉपर्टी 2010 में 10 लाख रुपए में खरीदी है।

उस वर्ष सीआईआई 167 था। अगर आप इसे 2020 में इसे बेचते हैं और इसे 25 लाख में बेचते हैं। 2020 में सीआईआई 289 था। जिस वर्ष आप बेच रहे हैं उस वर्ष प्रॉपर्टी की कीमत को सीआईआई से गुणा करके उसे सीआईआई वर्ष से भाग देने पर प्रॉपर्टी पर मुनाफा सामने आ जाता है।

1000000*289/167=1730538
250000-1730538=769462

15 लाख पर नहीं 769462 पर LTCG

यानि आपको 15 लाख रुपए पर कैपिटल गेन नहीं देना होता है, बल्कि आपको 769462 रुपए पर ही कैपिटल गेन देना होता था। 769462 पर 20 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन से आपको 153892 रुपए देना होता था।

अब 15 लाख पर 12.5% LTCG

लेकिन अब जब सरकार ने प्रॉपर्टी इंडेक्सेशन को खत्म कर दिया है तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन की दर को 20 फीसदी से घटाकर 12.5 फीसदी कर दिया है तो आपको कुल मुनाफा यानि 15 लाख रुपए पर 187500 रुपए का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा।

क्या है लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन शेयर बाजार और प्रॉपर्टी में अलग-अलग होता है। प्रॉपर्टी में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन 2 वर्ष से अधिक की अवधि पर लगता है जबकि शेयर बाजार पर एक वर्ष से अधिक की अवधि पर लगता है। यानि किसी भी प्रॉपर्टी को अगर आपने खरीदने के दो साल बाद बेचा तो उसपर होने वाले मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन देना पड़ता है।

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