Budget 2024: चुनावी साल में मोदी सरकार का राजकोषीय घाटा कम करने पर जोर, इन सेक्टर्स पर रहेगा फोकस
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतरिम बजट 1 फरवरी को पेश करेंगी। बजट को लेकर तैयारियां जारी हैं। माना जा रहा है कि, भारत सरकार 2024-25 वित्तीय वर्ष में कम घाटे का लक्ष्य रखेगी।
रॉयटर्स की ओर से किए गए एक पोल के अनुसार भारत सरकार पूंजीगत व्यय को अब तक के उच्चतम स्तर पर ले जाने के बावजूद वित्तीय वर्ष 2024-25 में कम घाटे का लक्ष्य रखेगी। सरकार का फोकस बुनियादी ढांचा निवेश पर रहने वाला है।

मिंट की खबर के मुताबिक, चुनावी साल होने के कारण पीएम मोदी की सरकार के अंतरिम बजट से लोकलुभावन वादों और राजकोषीय विवेक के बीच संतुलन बनाने की उम्मीद की जा रही है। सरकार 2025-26 वित्तीय वर्ष (वित्त वर्ष) के अंत तक राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 4.50% तक सीमित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जो चालू वर्ष में मार्च 2024 के अंत तक 5.90% पहुंचने की उम्मीद है।
41 अर्थशास्त्रियों पर 10 से 19 जनवरी के बीच हुए पोल के आंकड़े बताते हैं कि, 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में 2024-25 में जीडीपी के प्रतिशत के रूप में राजकोषीय घाटे को 5.30% तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है।
सर्वे के अनुसार 2025-26 में 4.5 फीसदी के घाटे के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कुल व्यय में औसतन प्रति वित्त वर्ष सात फीसदी से अधिक की वृद्धि की जरूरत नहीं होगी।
पोल में शामिल हुए अर्थशास्त्रियों का कहा है कि इस अंतरिम बजट में बुनियादी ढांचा निवेश मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके बाद ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन सर्वोच्च प्राथिमकता के क्षेत्र हो सकते हैं।
सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने कहा कि, घाटे पर ध्यान केंद्रित करने के साथ कल्याणकारी योजनाओं में और अधिक इजाफे की उम्मीद कम है इसके 15.60 ट्रिलियन रुपये की सकल उधारी चालू वित्तीय वर्ष की तरह अपरिवर्तित रहने का अनुमान है।












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