बजट 2017: रेल बजट में लग सकता है यात्रियों को झटका, बढ़ सकता है रेल किराया
माना जा रहा है कि कानपुर रेल हादसा समेत हाल ही ट्रेनों के पटरियों से उतरने की कई घटनाओं के बाद एक लाख करोड़ रुपये का सुरक्षा कोष का प्रावधान इस बार के बजट में किया जा सकता है।
नई दिल्ली। संसदीय इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहे है जब रेल बजट को आम बजट के साथ ही पेश किया जा रहा है। अभी तक रेल बजट अलग से आता था और आम बजट अलग, लेकिन मोदी सरकार ने इस परंपरा में बड़ा बदलाव करते हुए रेल बजट और आम बजट को एक साथ मिला दिया है। इस फैसले के बाद सभी की निगाहें बजट भाषण पर है जिसमें साफ होगा कि आखिर वित्त मंत्री रेल बजट में क्या बड़े ऐलान करेंगे...

- माना जा रहा है कि कानपुर रेल हादसा समेत हाल ही ट्रेनों के पटरियों से उतरने की कई घटनाओं के बाद एक लाख करोड़ रुपये का सुरक्षा कोष का प्रावधान इस बार के बजट में किया जा सकता है। मंत्रालय राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष के लिए सुरक्षा टैक्स की शुरुआत कर सकती है।
- इसका सीधा असर सेकंड क्लास और एसी-3 टियर टिकट पर पड़ेगा, एसी-1 टियर और एसी-2 टियर के किराए में बढ़ोतरी के संकेत हैं। ये बात इसलिए भी क्योंकि पिछले वित्त वर्ष में रेल किराया नहीं बढ़ा था।
- रेलवे को उम्मीद थी कि वर्तमान वित्त वर्ष में 1.84 लाख करोड़ राजस्व आएगा लेकिन ये करीब 1.7 लाख करोड़ नीचे रह गया। रेलवे अपने 92 फीसदी के परिचालन अनुपात लक्ष्य से भी चूक जाएगा जिसके 94 से 95 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। इसे पूरा करने के लिए ही किराये को बढ़ाया जा सकता है।
- माना ये भी जा रहा है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट में अलग से कुछ ऐलान कर सकते हैं। माना जा रहा है कि यात्री किराएं में अगले वित्त वर्ष में सात फीसदी यात्री किराए में वृद्धि हो सकती है।
- बजट में गैर-किराया राजस्व बढ़ाने को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है। इसमें खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल और निजी भागीदारी के साथ रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास शामिल है।












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