24 घंटे भी 50,000 डॉलर पर नहीं टिक पाया Bitcoin, जानिए अब क्या है कीमत ?
नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी 50,000 डॉलर को पार करने के 24 घंटे के अंदर एक बार फिर नीचे आ गई है। एशिया के वित्तीय बाजार में सतर्कता को देखते हुए एशिया में इसकी कीमत में गिरावट देखी गई और यह 50,000 डॉलर से नीचे रिकॉर्ड की गई।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक गुरुवार को हांग कांग के बाजार में बिटकॉइन की कीमत दोपहर 2 बजकर 38 मिनट पर 3.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49500 पर पहुंच गई है। दुनिया की सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी ने बुधवार को 52,000 डॉलर का आंकड़ा छुआ था जो कि पिछले महीने की रिकॉर्ड ऊंचाई से 6000 डॉलर नीचे था।
बुधवार को 8 फीसदी का उछाल
बुधवार को बिटकॉइन में अमेरिकी ट्रेडिंग में बिटकॉइन की कीमत में 8 प्रतिशत का उछाल देखा गया था जिसके चलते ये एक सप्ताह में सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। वहीं अगले ही दिन 50 हजार के नीचे आना ये दिखाता है कि डिजिटल टोकन के बारे में उस धारणा को मजबूत करता है कि यह जोखिम भावना की सामान्य बैरोमीटर है।
एजेंसियों की बिटकॉइन पर नजर
जैसे-जैसे क्रिप्टोकरेंसी के बाजार में मुख्यधारा के निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है वैसे ही नियामकों की नजर भी इस करेंसी की तरफ घूम रही है। खास तौर पर जब से टेस्ला ने बिटकॉइन में डेढ़ अरब डॉलर का निवेश किया है और दूसरे भी कई निवेशकों ने क्रिप्टोकरेंसी के बढ़ते बाजार में अपनी रुचि दिखाई है।
इसके पहले अमेरिकी सिक्योरिटी और एक्सचेंज कमीशन के चेयरमैन गैरी गेंसलर ने मंगलवार को कहा था कि वह क्रिप्टोकरेंसी के बाजार को धोखाधड़ी और हेरफेर से मुक्त रखना एजेंसी के लिए चुनौती है।












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