काम की खबर: 1 जून से बदल जाएंगे चेक पेमेंट, IFSC कोड से जुड़े नियम, अगर इन बैंकों में है खाता तो जरूर जानें
काम की खबर: 1 जून से बदल जाएंगे चेक पेमेंट, IFSC कोड से जुड़े नियम, अगर इन बैंकों में है खाता तो जरूर जानें
नई दिल्ली, मई 30। नए महीने के शुरुआत के साथ ही आपके आसपास कई नियम बदल जाएंगे। जून महीने में एलपीजी के दाम से लेकर स्मॉल सेविंग, फ्लाइट किराए से लेकर कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। वहीं बैंक से जुड़े कई नियमों में भी 1 जून से बदलाव होंगे। 1 जून से बैंक ऑफ बड़ौदा , केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक के ग्राहकों के लिए कुछ बदलाव होने जा रहे हैं।

1 जून से बैंक ऑफ बड़ौदा के चेक पेमेंट के नियम में बदलाव हो जाएगा। 1 जून से बैंक ने पॉजिटिव पे कंफर्मेशन को अनिवार्य कर दिया है। नए नियम के मुताबिक 2 लाख या उसस अधिक के चेक इश्यू करन पर खाताधारक को बैंक को इसके बारे में जानकारी पहले से देनी होगी। वहीं बैंक की ओर से भी चेक क्लियरेंस से पहले चेक इश्यू करने वाले धारक से कंफर्म किया जाएगा। यानी बैंक चेक क्लियर करने से पहले खाताधारक से क्रॉस चेक करेगा। वहीं चेक के बारे में खाताधारक को इसकी पूरी जानकारी जैसे की चेक नंबर, चेक किसके नाम पर इश्यू किया है, कितना अमाउंट आदि की जानकारी, नेट बैंकिंग, एसमएस या फोन के जरिए इसकी जानकारी बैंक तक पहुंचानी होगी।
सिंडिकेट बैंक खाताधारकों के लिए जरूरी जानकारी
वहीं सिंडिकेट बैंक ने खाताधारकों के लिए 1 जुलाई से IFSC कोड में बदल जाएंगे। आपको बता दें कि सिंडिकेट बैंक का विलय केनरा बैंक में हुआ है। सिडिंकेट बैंक के वो ग्राहक , जो विलय के बाद भी अभी भी पुरानी चेकबुक का ही इस्तेमाल कर रहे हैं, वो 30 जून के बाद ऐसा नहीं कर पाएंगे। केनरा बैंक की ओर से वेबसाइट पर दी गई जनकारी के मुताबिक 1 जुलाई से बैंक पुराने आईईएफएससी कोड को स्वीकार नहीं करेगा। बैंक ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्राहकों की पुरानी चेकबुक 30 जून तक ही काम करेगी। सिंडिकेट बैंक के ग्राहक अपने नजदीकी ब्रांच में जाकर या नेट बैंकिंग की मदद से नए आईएफएसी कार्ड के साथ अपना नया चेकबुक हासिल कर सकते हैं।












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