खुद बाबा रामदेव ने बताया, क्या है उनके प्रोडक्ट की सच्चाई
बाबा रामदेव ने कहा कि वह इसी साल शहीदों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा मुहैया कराने के लिए 1000 से अधिक की क्षमता वाले एक आवासीय स्कूल की भी शुरुआत करेंगे।
नई दिल्ली। पतंजलि ने गुरुवार को अपनी सालाना कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने पतंजलि की उपलब्धियों को तो गिनाया ही, साथ ही, कुछ प्रोडक्ट को लेकर फैल रही अफवाहों को भी खारिज किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल कंपनी का टर्नओवर 10 हजार करोड़ रुपए था, जो लगातार बढ़ता जा रहा है। पतंजलि में नौकरी के नाम पर भी ठगी हो रही है, जिससे सावधान रहने की सलाह बाबा रामदेव ने दी। उन्होंने यह भी बताया कि इस साल से पंतजलि पूरी तरह से मसालों के क्षेत्र में उतर जाएगा, अभी तक सिर्फ थोड़ बहुत ही मसाला पतंजलि देता था।

शहीदों के बच्चों के लिए स्कूल
बाबा रामदेव ने कहा कि वह इसी साल शहीदों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा मुहैया कराने के लिए एक आवासीय स्कूल की भी शुरुआत करेंगे। इस स्कूल की क्षमता 1000 से भी अधिक की होगी, जो दिल्ली-एनसीआर में खुलेगा, ताकि पूरे देश के शहीद सैनिकों के बच्चे यहां से मुफ्त शिक्षा पा सकें। पतंजलि के मुनाफे से इस स्कूल को चैरिटी दी जाएगी, जिससे स्कूल का खर्च चलेगा।

संन्यासी ही होगा पतंजलि का उत्तराधिकारी
बाबा रामदेव ने बताया कि पतंजलि का उत्तराधिकारी कोई कारोबारी नहीं होगा, बल्कि कोई संन्यासी ही होगा, जो पतंजलि को आगे ले जा सके और देश की सेवा कर सके। उन्होंने कहा कि पतंजलि का 100 फीसदी मुनाफा चैरिटी में जाता है और हमेशा ऐसे ही जाता रहेगा।

गौमूत्र को लेकर फैल रही अफवाह
बाबा रामदेव ने कहा कि गौमूत्र को लेकर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके मुस्लिमों के बीच अफवाह फैलाई जा रही है। अफवाह में कहा जा रहा है कि पतंजलि की औषधियों में गौमूत्र होता है। रामदेव ने कहा कि पतंजलि की सिर्फ 5 औषधियों में गौमूत्र है। वह बोले कि हम गौमूत्र को छुपा कर नहीं बेचते, सोशल मीडिया पर सिर्फ अफवाह फैलाई जा रही है।

आंवला जूस पर उठे सवाल
बाबा रामदेव ने बताया कि आंवला जूस पर भी पिछले दिनों में कई सवाल उठे हैं। इस पर हमने एफएसएसएआई की मुहर नहीं लगवाई है, क्योंकि यह आयुर्वेद के लाइसेंस के तहत लिया गया है। यह आर्युवेदिक औषधि है, न कि फ्रूट। इसे आयुष मंत्रालय की मंजूरी मिली हुई है। रंग, टेस्ट में कोई मिलावट नही है, यह 100 फीसदी खरा है। उन्होंने कहा कि आर्टी कैंटीन की तरफ से इस पर अब कोई प्रश्न नहीं है, उन्हें जानकारी नहीं थी, अब उन्हें पूरी जानकारी दे दी गई है।

हनी पूरी तरह से शुद्ध
हनी यानी शहद में मिलावट की अफवाहों पर बाबा रामदेव ने कहा कि उन्होंने शहद के डिब्बे पर ही लिखवा रखा है कि जमना शहर का प्राकृतिक गुण है। यह सिर्फ अफवाह है कि जो शहद जम जाता है वह शुद्ध नहीं होता है। लोग हनी को फ्रिज में रख देते हैं। फ्रिज में रखेंगे तो जमेगा ही, ग्लूकोज शुक्रोज में ठंड में रिएक्शन से शहद जम जाता है। वह बोले कि पतंजलि का शहद विदेशी हनी से काफी सस्ता है।

इन चीजों से हुई इतनी कमाई
गाय का देशी घी- 1467 करोड़ रुपए
दंत कांति- 940 करोड़ रुपए कोलगेट पर हमला, बाजार की 15 फीसदी हिस्सेदारी
केश कांति- 825 करोड़ रुपए, बाजार की 15 फीसदी हिस्सेदारी
कच्ची घानी- 522 करोड़ रुपए, अगले साल 1000 करोड़ रुपए का टारगेट
हनी- 335 करोड़ रुपए
आटा- 407 करोड़ रुपए
पतंजलि जेल- 155 करोड़ रुपए
एलोवेरा जूस- 172 करोड़ रुपए
सौंदर्य प्रशाधन- 231 करोड़ रुपए

विदेशी कंपनियों पर बोला हमला
बाबा रामदेव ने विम बार पर हमला बोले हुए कहा कि जल्द ही वह खत्म हो जाएगा और लोग सिर्फ पतंजलि से बिना किसी कैमिकल का बना बर्तन बार इस्तेमाल करेंगे। इसे बनाने में औषधियों की राख और नींबू का इस्तेमाल होता है। इस क्षेत्र में पतंजलि की 35 फीसदी हिस्सेदारी हो चुकी है। वहीं दंत कांति की बात करते हुए उन्होंने कोलगेट पर भी हमला बोला। इसके अलावा, डव, लक्स और लाइफब्वाय जैसे साबुनों को भी विदेशी कहते हुए खूब लताड़ा। वह बोले कि 50 लाख करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था पर विदेशी कंपनियों का कब्जा है।
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