जेपी के फ्लैट में पैसा लगाने वालों को राहत, नहीं डूबेगा पैसा
नई दिल्ली। जेपी इंफ्राटेक में जिन घर खरीददारों के पैसे फंसे हैं, उन लोगों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। रविवार को एसोचैम ने कहा है कि एनसीएलटी (नेशनल कंपनीज लॉ ट्रिब्यूनल) को सभी घर (फ्लैट) खरीददारों को भी इंसॉल्वेंसी लॉ यानी दीवाला संहिता के तहत बैंकों की तरह ही मानना चाहिए।

एसोचैम ने यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़े तो दीवाला और शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) में संशोधन भी किया जा सकता है। इसके लिए एक अध्यादेश लाया जा सकता है। एसोचैम ने कहा है कि जेपी इंफ्राटेक की आवासीय योजनाओं को सही दिशा देने और पटरी पर लाने के लिए हर संभव कोशिश की जानी चाहिए। जेपी इंफ्राटेक के दिवालिया होने की वजह से करीब 32 हजार ग्राहकों को उनके फ्लैट पर कब्जा नहीं मिल सका है, जिससे वह सभी परेशान हैं।
आपको बता दें कि आईडीबीआई बैंक ने जेपी इंफ्राटेक के खिलाफ 526 करोड़ रुपए के लोन को लेकर एक याचिका दायर की थी। इस याचिका पर गौर करते हुए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल ने जेपी इंफ्राटेक को दिवालिया घोषित कर दिया था। कंपनी को फिलहाल 270 दिनों का वक्त भी दिया गया है। अगर इस दौरान कंपनी अपनी आर्थिक स्थिति को सही नहीं कर पाई तो कंपनी की नीलामी कर दी जाएगी।












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