• search

रियल एस्टेट भी आएगा जीएसटी के दायरे में, बिल्डरों के लिए अब टैक्स चुराना नहीं रहेगा आसान

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में ही सबसे अधिक चोरियां होती हैं, इसलिए अब इसे भी जीएसटी के दायरे में लाने की जरूरत है। अरुण जेटली ने यह बात हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में कही है। वहां पर भाषण देते हुए जेटली बोले कि इस मामले पर गुवाहाटी में 9 नवंबर को होने वाली जीएसटी की बैठक में इस मामले पर चर्चा की जाएगी। वह बोले की रियल एस्टेट में ही सबसे अधिक नकदी पैदा होती है और यही जीएसटी के दायरे से बाहर है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करने के लिए कुछ राज्य भी जोर दे रहे हैं। हालांकि, कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जो नहीं चाहते हैं कि रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। वह बोले कि ऐसा करने के लिए वह कम से कम इस मुद्दे पर चर्चा तो करेंगे ही और एक अंतिम फैसला लेने की कोशिश करेंगे।

    रियल एस्टेट भी आएगा जीएसटी के दायरे में, खुद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दिया है इस बात का संकेत

    जेटली ने कहा कि रियल एस्टेट के जीएसटी के दायरे में आने से सबसे अधिक फायदा उपभोक्ताओं को ही होगा। ऐसा होने पर उपभोक्ताओं को उत्पाद पर केवल अंतिम कर ही देना होगा और जीएसटी में लगने वाला यह अंतिम कर काफी कम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे कालेधन पर भी लगाम लगाई जा सकेगी। आपको बता दें कि जिस तरह से सरकार रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार कर रही है, आज नहीं तो कल रियल एस्टेट भी जीएसटी के दायरे में आ ही जाएगा।

    ये भी पढ़ें- अगर मोदी सरकार ने भारत में लागू कर दी ये व्यवस्था, तो बिना कोई काम किए ही देश के हर व्यक्ति को सालाना मिला करेंगे 2600 रुपए

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    arun jaitley said real estate may come under purview of gst in next month meeting

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more