व्यापार पर भी सीमा विवाद का असर, Paytm में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही चीनी कंपनी
नई दिल्ली: लद्दाख में भारत और चीन के बीच पिछले 6 महीने से सीमा विवाद जारी है। इस बीच भारत ने कई चीनी मोबाइल एप्स को बैन कर दिया था। इसके साथ ही चीनी कंपनियों को दिए कई प्रोजेक्ट भी निरस्त किए गए। अब खबर आई है कि चीनी कंपनी एंट ग्रुप भारतीय कंपनी पेटीएम में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। पेटीएम लेन-देन के लिए प्रयोग किए जाने वाला मोबाइल ऐप है। इसके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग समेत कई सुविधाएं पेटीएम उपलब्ध करवाता है।

एंट के अलावा पेटीएम में सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉरपोरेशन की भी हिस्सेदारी है। एक साल पहले पेटीएम की वैल्यू 16 बिलियन डॉलर आंकी गई थी। जिसमें 30 प्रतिशत यानी 4.8 बिलियन डॉलर की हिस्सेदारी चीनी कंपनी एंट ग्रुप की थी। अब कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एंट ग्रुप भारत चीन विवाद के चलते अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है। हालांकि पेटीएम के प्रवक्ता ने इन रिपोर्ट्स को खरीज किया है। उन्होंने कहा कि हिस्सेदारी बेचने के बारे में हमारे किसी भी प्रमुख शेयरधारकों के साथ कभी कोई चर्चा नहीं हुई है, न ही कोई योजना है।
ग्लोबल पेमेंट लीडर बनने का सपना टूटा
पिछले ही महीने एंट की 37 अरब डॉलर के आईपीओ की लिस्टिंग को सस्पेंड कर दिया गया था। इसे दुनिया का सबसे आईपीओ माना जाता था। अगर एंट पेटीएम में हिस्सेदारी को बेचता है तो उसके ग्लोबल पेमेंट लीडर बनने के सपने को भी झटका लग सकता है। वहीं दूसरी ओर चीन के रेगुलेरटर और एंट के बीच पहले से ही विवाद चल रहा है।
जवानों की शहादत के बाद से बना है तनाव
आपको बता दें कि मई की शुरूआत में चीन ने लद्दाख और सिक्कम में घुसपैठ की कोशिश की थी। इस दौरान सिक्किम में मामला शांत हो गया, लेकिन लद्दाख में अभी भी विवाद जारी है। जून में गलवान घाटी में हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद भारत सरकार ने सबसे पहले 100 से ज्यादा चीनी मोबाइल ऐप्स को बंद किया। इसके बाद रेलवे, बीएसएनएल समेत कई सरकारी उपक्रमों ने भी चीनी कंपनी को दिया टेंडर निरस्त कर दिया था।












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