थोक महंगाई में आई गिरावट, जुलाई में 11.16 प्रतिशत पर रही
नई दिल्ली, 16 अगस्त: देश में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित थोक महंगाई की वार्षिक दर जुलाई में घटकर 11.16 प्रतिशत पर रही है। जून में ये दर 12.07 प्रतिशत थी, जुलाई में इसमें करीब एक फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने ये जानकारी दी है। हालांकि अभी भी ये दोहरे अंकों में है। डब्लूपीआई अप्रैल से लगातार दोहरे अंक में ही है। थोक मुद्रास्फीति दर मई में 12.94 फीसदी के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थी।

फूड आइटम, मैन्युफैक्चरिंग गुड्स और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण जुलाई में थोक महंगाई में गिरावट दर्ज की गई है। जुलाई में दालों की थोक महंगाई जून महीनें के 11.5 फीसदी के मुकाबले घटकर 8.3 फीसदी पर आ गईं। वहीं इस दौरान सब्जियों की थोक महंगाई 0.8 फीसदी से घटकर -8.7 फीसदी पर रही है। बीते साल की बात की जाए तो जुलाई 2020 के महीने में थोक महंगाई दर माइनस 0.25 फीसदी रही थी। इस साल महंगाई लगातार बढ़ी है। खाने की चीजों और पेट्रोल डीजल की कीमतों ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
खुदरा महंगाई दर में भी कमी
जुलाई 2021 में खुदरा महंगाई दर घटकर 5.59 फीसदी पर रही है। इसस पहले जून 2021 में खुदरा महंगाई दर 6.26 फीसदी रही तो मई 2021 में ये 6.30 फीसदी रही। जुलाई में खुदरा महंगाई दर 5.59 फीसदी रही तो वहीं फूड इंफ्लेशन रेट 3.96 रहा। आपको बता दें कि जून में फूड इंफ्लेशन 5.15 फीसदी था। आपको बता दें कि अगस्त के पहले सप्ताह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मौद्रिक समीक्षा बैठक की थी, जिसमें केंद्रीय बैंक ने बढ़ती महंगाई पर चिंता जताई और महंगाई दर के अनुमान को बढ़ाकर 5.7 फीसदी कर दिया था, जबकि इसे पहले 5.1 फीसदी रखा गया था।












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