अडानी ग्रुप ने रद्द किया 20,000 करोड़ का FPO, इंवेस्टर्स को वापस लौटाएंगे पैसे
अडानी एंटरप्राइजेज का मार्केट कैप बुधवार को घटकर 2,42,672.04 करोड़ रुपये पर आ गया। कंपनी ने FPO कैंसल कर दिया है।

Adani Group cancels FPO: अडानी इंटरप्राइजेज के एक शेयर में बुधवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के शेयर इंट्रा डे ट्रेड में लगभग 35% तक गिरे। जिसके बाद देर शाम तक अडानी ग्रुप ने बड़ा निर्णय लेते हुए अपने एफपीओ को रद्द करने की घोषणा कर दी। कंपनी ने अब निवेशकों को उनके पैसे लौटाने का निर्णय ले लिया है।
न्यूज एजेंस रॉयटर्स के मुताबिक कंपनी का शेयर 27 जनवरी को खुला और 31 को बंद हुआ था। लेकिन एक 1 फरवरी को कंपनी ने एफपीओ कैंसिल कर दिया है। इस निर्णय के बाद अब कंपनी ने निवेशकों को पैसा वापस करेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक अडानी ग्रुप के साथ ये मामला तब सामने आया जब अमेरिकी शार्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) के साथ विवाद हुआ। ये रिपोर्ट आने के बाद से अडानी समूह की कंपनियों के शेयर में लगातार गिरावट आई है। हिंडनबर्ग ने ये रिपोर्ट अडानी एंटरप्राइजेज की तरफ से 20,000 करोड़ रुपये का एफपीओ लाने ठीक पहले 24 जनवरी जारी की गई। जिसमें अडानी ग्रुप पर टैक्स हैवेन का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों को अडानी समूह ने खारिज कर दिया।
FPO को मिला था रिस्पॉन्स
अडानी के FPO को आखिरी दिन गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) ने 96.16 लाख शेयरों के मुकाबले तीन गुना से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। अबु धाबी की निवेश कंपनी IHC (International Holding Company) ने भी एफपीओ में निवेश किया था। इस कंपनी ने अडानी एंटरप्राइजेज के एफपीओ में 400 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। जबकि आईएचसी ने इस कंपनी में लगभग 2 अरब डॉलर का निवेश किया। इसके अलावा एयरटेल के मालिक सुनील मित्तल और JSW group के सज्जन जिंदल ने भी इसमें अपने हाथ आजमाए।
Recommended Video













Click it and Unblock the Notifications