7th Pay Commission: इन सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 60% की बढ़ोतरी, फिर भी खुश नहीं
नई दिल्ली। 7th pay commission की सिफारिशों के अनुरूप सैलरी बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों को अब भी खुशखबरी का इंतजार है। जहां लाखों केंद्रीय कर्मचारी सैलरी बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं तो वहीं जिनकी सैलरी में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है वो भी नाराज है। मोदी सरकार ने पिछले महीने आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों की सैलरी में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी की। इस बढ़ोतरी पर जहां कुछ कर्मचारियों ने सरकार को धन्यवाद दिया तो अधिकांश कर्मियों ने नाराजगी जताई।

सैलरी में 60% इजाफे के बावजूद नाराज है
पिछले महीने मोदी सरकार ने आंगनबाड़ी और आशा कर्मियों की सैलरी में 60 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी, लेकिन इस बढ़ोतरी के बावजूद आशाकर्मी खुश नहीं है। इन कर्मियों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। दर्जनों आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों ने अलवर में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को घेरा और अना विरोध जताया। ये कर्मी सरकार ने ग्रेड कमीशन की मांग कर रहे हैं।

आंगनबाड़ी कर्मियों को तोहफा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 सितंबर को अंगनबाड़ी कर्मियों की सैलरी में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी का तोहफा दिया।आशाकर्मियों की सैलरी में भी डबल की बढ़ोतरी की गई। इस 60 फीसदी की बढ़ोतरी के बावजूद आशाकर्मियों की न्यूनतम सैलरी 200 रुपए रोजाना नहीं हो पाई। सरकार ने आशाकर्मियों और आंगनबाड़ी कर्मियों की सैलरी 2200 रुपए से बढ़ाकर 3,000 रुपए और 3500 रुपए से बढ़ाकर 4,500 कर दी है।

यहां लागू हुई सातवें वेतन आयोग की सिफारिश
जहां केंद्रीय कर्मियों का इंतजार जारी है,वहीं हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लोगू कर दिया है। दरअसल केंद्रीय कर्मचारी वेतन आयोग की सिफारिशों से अधिक की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि न्यूनतम वेतन 18000 से बढ़ाकर 26000 रुपए की जाए और फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.68 किया जाए।












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