7th Pay Commission: हड़ताल पर गए कर्मचारी, सैलरी बढ़ोतरी के लिए सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
नई दिल्ली। लंबे वक्त से वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों के सब्र का बांध टूट गया है। सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 दिसंबर को सरकारी अस्पतालों में हड़ताल की वजह से मरीजों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं दिल्ली के 3000 से अधिक सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। उनकी मांग हैं कि सातवें वेतन आोयग के तहत उनकी सैलरी बढ़ाई जाए। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर दिल्ली सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो वो बेमियादी हड़ताल पर जा सकते हैं।

24 घंटे का अल्टीमेटम
दिल्ली के सरकारी डॉक्टरों ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर एक दिन का हड़ताल किया और सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वो अनिश्चितकालिन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस हड़ताल में दिल्ली सरकार के सभी मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर शामिल हुए। डॉक्टरों ने धमकी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो 20 दिसंबर से अस्पताल की ओपीडी ठप कर देंगे।

वेतन बढ़ोतरी की कर रहे हैं मांग
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर्स लंबे वक्त से वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। ये डॉक्टर सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। अब उनके आक्रोश ने उग्र रूप ले लिया है। 20 दिसंबर से उन्होंने ओपीडी सेवा बंद करने का फैसला किया है, हालांकि इमरजेंसी सर्विस पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार चोपड़ा ने बताया कि वो लंबे समय से दिल्ली सरकार से वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में उनके पास हड़ताल के अलावा अन्य कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर भी होंगे शामिल
डॉ आनंद चोपड़ा ने बताया कि अगर प्रबंधन नींद ने नहीं जागी और कोई ठोस फैसला नहीं दिया तो 24 घंटे बाद से सरकारी अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उनके साथ दिल्ली सरकार के अधीन कॉरपोरेशन और केंद्र सरकार के मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर भी शामिल हो सकते हैं। ऐसा होने पर स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ेगा। मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।












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