7th Pay Commission: सैलरी बढ़ोतरी की उम्मीद खत्म, अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में केंद्रीय कर्मचारी
7th Pay Commission:
नई दिल्ली। 7th Pay Commission की सिफारिशों से बढ़ाकर सैलरी बढ़ोतरी को लेकर अब केंद्रीय कर्मचारियों में मायूसी छाने लगी है। कर्मचारियों की उम्मीदें खत्म होने लगी है। केंद्र सरकार की चुप्पी ने केंद्रीय कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी की आस को खत्म कर दिया है। ऐसे में अब कर्मचारी धरना प्रदर्शन, सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। सरकार जहां वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं कर पा रही है तो वहीं कर्मचारियों की मांग हैं कि न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 18000 से 26000 रुपए किया जाए और फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.68 किया जाए। कर्मचारियों की मांगों को सरकार पूरा करने में अपनी असमर्थता पहले ही दिखा चुका है। जबकि बीजेपी शासित प्रदेशों ने अपने कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सैलरी बढ़ोतरी का तोहफा दिया।

बीजेपी शासित प्रदेशों ने दिया अपने कर्मचारियों को तोहफा
मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश जैसे बीजेपी शासित राज्यों ने अपने कर्मचारियों को वेतन बढ़ोतरी का तोहफा दिया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के सरकारी कॉलेजों, विश्विद्यालयों और शत प्रतिशत अनुदान प्राप्त अशासकीय कॉलेजों के शिक्षकों के लिए सातवें वेतनमान की घोषणा कर दी है। जहां बीजेपी शासित राज्यों की सरकारों ने तेजी दिखाई और अपने कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सैलरी बढ़ोतरी का तोहफा दिया तो वहीं केंद्रीय कर्मचारियों का इंतजार अब तक बरकरार है।

सरकार ने नाराज हुए कर्मचारी
सरकार के रुख को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारियों में नाराजगी भरने लगी है। कर्मचारियों ने सड़क पर उतरने की तैयारी कर ली है। सरकार की असफलताओं के खिलाफ कर्मचारियों ने प्रस्ताव पास किया है। कर्मचारियों ने NJCA के प्रस्ताव के अनुरुप सरकार के खिलाफ रैली निकालने,सरकार की विफलताओं को उजागर करने और अपनी नाराजगी जताने के लिए विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। कर्मचारी यूनियंस ने न्यूनम वेतन में बढ़ोतरी, फिटमेंट फॉर्मूला में सुधार और नेशनल पेंशन स्कीम में उन्मूलन में सरकार की असफलताओं के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि इस दौरान कर्मचारी अन्य मुद्दों को भी उठाएंगे। कर्मचारी सितंबर को प्रोटेस्ट मंथ बनाने की तैयारी में हैं। अलग-अलग स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं।

19 सितंबर को बड़ा विरोध प्रदर्शन!
माना जा रहा है कि 19 सितंबर को कर्मचारी ऑल इंडिया प्रोटेस्ट डे मना सकते हैं। माना जा रहा है कि 19 सितंबर को बड़ी संख्या में केंद्रीय कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करेंगे। बड़ी रैलियां निकाली जाएंगी। INDWF और FNPO के सदस्य भी इस रैली का हिस्सा बन सकते हैं। ये प्रस्ताव केंद्रीय कर्मचारियों की हताशा, सरकार के प्रति उनके गुस्से को दिखाता है। 7th Pay Commission की सिफारिशों के प्रति केंद्र सरकार के रवैये से कर्मचारी नाराज है।
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