7th Pay Commission: इस उपाय को प्रयोग कर निकाल सकते हैं अपनी बढ़ी हुई सैलरी

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नई दिल्ली। 7th Pay Commission की सिफारिशों को लागू करने के बाद आप किस तरह से अपनी सैलरी का आंकलन करें इस बाबत वित्त विभाग ने प्रक्रिया को साफ किया है। सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों के पे स्केल को रिवाइज किया गया है, लिहाजा सितंबर माह में वेतन को निर्धारित करने के लिए ओडिशा रिवाइज्ड स्केल ऑफ पे की तर्ज पर ही नई प्रक्रिया को अपनाया गया है।

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ये है तरीका

ये है तरीका

जिन जगहों पर सैलरी को इस प्रक्रिया के जरिए नहीं निकाला जा सकता है वहां इसे एड हॉक के जरिए नियमानुसार निकाला जा सकता है। सितंबर माह की सैलरी को एड हॉक की मदद से निकाला जा सकता है, इसके लिए नया तरीका भी सामने रखा गया है। जिसके अनुसार आप साधारण सी गणित का इस्तेमाल करके अपनी सैलरी का हिसाब लगा सकते हैं। इसके लिए आपको बेसिक पे (पे और ग्रेड पे) को 2.57 से गुणा करना होगा, इसके लिए एक जनवरी 2016 की तारीख का आधार माना जा सकता है। साथ ही इसमें चार फीसदी का डियरनेस अलाउंस भी जोड़ा जाएगा।

उदाहरण

उदाहरण

मान लीजिए आपकी सैलरी X है, ग्रैंड पे Y है, ऐसे में आपकी सैलरी एड हॉक से अगर निकाली जाए तो यह Z होगी। Z का मूल्य 2.57 है। लिहाजा Z को (X+Y) से गुणा करेंगे। डीए जोकि Z का चार फीसदी है। ऐसे में सितंबर माह में आपकी मौजूदा रिवाइज्ड बेसिक सैलरी 1.04Z होगी।

भत्ता

इस बेसिक पे के अलावा कर्मचारियों को भत्ते भी दिए जाएंगे, जिसे अगस्त माह की ही तरह निकाला जा सकता है

अगर आपकी सैलरी कम है

अगर आपकी सैलरी कम है

अगर आपकी सैलरी अपेक्षाकृत कम है तो उस स्थिति में भी आपकी सैलरी का पता लगाने के लिए वित्त विभाग ने साफ व्यवस्था की है। अगर आपकी सैलरी पे, डीए और भत्तों आदि को मिलाया जाए तो इसमे से जो भी अधिक होगा उसे निकाला जा सकता है। कर्मचारियों को यह विकल्प भी दिया गया है वह पहले की ही तरह सैलरी को निकाल सकते हैं, जबकि बकाया पैसा अगली सैलरी में जोड़ दिया जाएगा।

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English summary
A procedure on how to draw your salaries following the implementation of the 7th Pay Commission has been set by the finance department.
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