7th Pay Commission: अटक सकती है केंद्रीय कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी, RBI की रिपोर्ट बन सकती है रोड़ा

नई दिल्ली। देश के 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग उतने ही पेंशनभोगी वेतन बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं। इन केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद थी कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वेतन बढ़ोतरी को लेकर घोषणा करेंगे, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। पीएम ने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी को लेकर कोई घोषणा नहीं की। केंद्रीय कर्मचारियों माायूस तो जरूर हुए, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अक्टूबर-नवंबर में इसे लेकर घोषणा की जा सकती हैं। कर्मचारियों का एक दल हैं जो उम्मीद कर रहा है कि अच्छे मानसून और सकारात्मक आर्थिक कारकों को दखते हुए आने वाले दो-तीन महीनों में वेतन बढ़ोतरी की घोषणा की जा सकती है। कर्मचारियों के इस समूह के साथ-साथ जानकार भी मान रहे हैं आम चुनाव से कुछ महीने पहले सरकार इसकी घोषणा कर सकती है। जिसका लाभ भी लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिलेगा।

 न्यूनतम सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने कही ये बात

न्यूनतम सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने कही ये बात

वित्त मंत्रालय पी राधाकृष्णन ने लोकसभा में कहा कि सरकार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से परे न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी नहीं करेगी। हालांकि हरियाणा सरकार ने विश्वविद्यालयों और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजो में 1 जनवरी 2016 से कर्मचारियों की सैल री बढ़ोतरी की घोषणा कर दी। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने भी 17 लाख राज्य कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है। बीजेपी शासित राज्यों में सैलरी बढ़ोतरी की घोषणा की जा चुकी हैं, ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को भी खुशखबरी दे सकती है।

 RBI की रिपोर्ट से लगा धक्का

RBI की रिपोर्ट से लगा धक्का

RBI ने अपनी मौद्रिक समीक्षा बैठक में सरकार को चेतावनी दी थी। आरबीआई ने कहा कि अगर सरकार ने न्यूनतम सैलरी में बढ़ोतरी की तो देश में महंगाई और बढ़ेगी। रिजर्व बैंक की इस चेतावनी के बाद उम्मीद कम है कि सरकार देश की अर्थव्यस्था को ध्यान में रखकर कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी नहीं कर सकती है।

 RBI की मिनी स्ट्रीट मेमो रिपोर्ट से केंद्रीय कर्मचारियों की आस पर फिर सकता है पानी

RBI की मिनी स्ट्रीट मेमो रिपोर्ट से केंद्रीय कर्मचारियों की आस पर फिर सकता है पानी

आरबीआई ने मिनी स्ट्रीट मेमो रिपोर्ट में कहा है कि नोटबंदी और जीएसटी के लघु, सुक्ष्म और मध्यम वर्गीय उद्योगों को झटका लगा और MSME सेक्टर के उद्योगों को नुकसान हुआ।आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नोटबंदी और जीएसटी लगने से इस सेक्टर को नुकसान हुआ है। नोटबंदी ने जहां इस सेक्टर को कर्ज मिलने में दिक्कत मिली तो वहीं जीएसटी से निर्यात में नुकसान हुआ। जीएसटी से निर्यात को धक्का लगा। ये कुछ ऐसे फैक्टर हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को धक्का लगा। जिसकी वजह से माना जा रहा है कि सरकार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आगे बढ़कर वेतन में बढ़ोतरी नहीं कर सकती है।

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