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7th Pay Commission: इन कर्मचारियों को बड़ा झटका, सैलरी में 60% की कटौती, नहीं मिला जून का वेतन, PM मोदी को लिखा खत

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नई दिल्ली। कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है। सरकार राजस्व में हुए भारी नुकसान की भरपाई की कोशिश कर रही है तो वहीं खर्चों में कटौती किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कटौती भी की जा रही है। केंद्र सरकार ने पहले ही केंद्रीय कर्मचारियों के DA भुगतान और एरियर भुगतान पर रोक लगा दी है तो वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के प्रभार वाले कपड़ा मंत्रालय के अधीन आने वाले नेशनल टेक्सटाइल कार्पोरेशन के कर्मचारी भारी वेतन कटौती से परेशान है।

कर्मचारियों की सैलरी में भारी कटौती

कर्मचारियों की सैलरी में भारी कटौती

National Herald की रिपोर्ट के मुताबिक नेशनल टेक्सटाइल कार्पोरेशन के कर्मचारियों और अधिकारियों की सैलरी में भारी कटौती की जा रही है। मार्च में लॉकडाउन की घोषणा किए जाने के बाद से इन कर्मचारियों की सैलरी में 60% तक की कटौती की जा रही है। वहीं जून 2020 की सैलरी अब तक कर्मचारियों को नहीं मिली है, जिससे ये कर्मचारी बेहद परेशान है। उन्होंने अपनी समस्या की जानकारी पत्र के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, श्रम मंत्रालय और टेक्टाइल सचिव को दी है।

 नहीं मिली जून की सैलरी

नहीं मिली जून की सैलरी

रिपोर्ट के मुताबिक इन कर्मचारियों की सैलरी में लॉकडाउन के बाद से कटौती की जा रही है। अप्रैल में इन्हें मात्र 60 फीसदी सैलरी मिली, मई में भी इनकी सैलरी में 40 फीसदी की कटौती कर दी गई। जून में अब तक इन्हें सैलरी नहीं मिली है। इसे लेकर नेशनल टेक्सटाइल कार्पोरेशन के कर्मचारी बेहद नाराज है। NTC में 7200 कर्मचारी मिल वर्कर्स और 300 कर्मचारी प्रबंधन में कार्यरत हैं। पिछले तीन महीनों ने इन कर्मचारियों की सैलरी में भारी कटौती की जा रही है।

 सालाना 350 करोड़ का बजट

सालाना 350 करोड़ का बजट

आपको बता दें कि एनटीसी के कर्मचारियों के वेतन मद का सालाना बजट 350 करोड़ रुपए का है। इस हिसाब से हर माह NTC के कर्मचारियों पर 30 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। जहां के मिल वर्कर्स की औसत सैलरी 8000 रुपए हैं, लेकिन उनकी सैलरी में 60 फीसदी के करीब सैलरी कटौती की जा रही है, जिसकी वजह से इन कर्मचारियों को घर चलाने में काफी परेशानी हो रही है। टेक्सटाइल इम्पलाइज यूनियन के महासचिव फूल सिंह यादव ने कर्मचारियों की इस समस्या को लेकर कहा कि मार्च में कामगारों को सिर्फ उतने ही दिन का वेतन दिया गया जितने दिन उन्होंने काम किया। जबकि लॉकडाउन का फैसला सरकार ने किया कर्मचारियों ने नहीं। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के मामले में सिर्फ दिल्ली में पोस्टेड कर्मचारियों को पूरा वेतन मिला, जबकि देश के बाकी हिस्सों में तैनात कर्मचारियों को कटौती के बाद मात्र 40 फीसदी सैलरी दी गई है। अब कर्मचारियों ने पीएमओ को पत्र लिखकर इस मामले में मदद मांगी है।

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English summary
National Textile Corporation slashes more than 60% salary of staff.
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