इन 5 जगहों पर लगाएंगे पैसे, तो आपको होगा खूब फायदा

सरकार, बैंक और फाइनेंशियल कंपनियां, सभी कई तरह की सेविंग स्कीम ऑफर करती हैं, जिससे लोग अपना पैसा एक निर्धारित समय के लिए निवेश करने को लेकर प्रोत्साहित हों और अपनी निवेश की गई राशि पर रिटर्न पाएं।

अगर हम उन दिनों की बात करें जब हमारे पास पैसों की बहुत किल्लत हो जाती है और हमें आत्म निर्भर बनें रहने के साथ-साथ कई जरूरतें भी पूरी करनी होती हैं, तो निवेश करना बहुत जरूरी है। भले ही आपको बच्चों की शिक्षा हो, घर खरीदना हो या फिर अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग करनी हो, निवेश करना जरूरी है और निवेश सोच-समझ कर करना चाहिए। सरकार, बैंक और फाइनेंशियल कंपनियां, सभी कई तरह की सेविंग स्कीम ऑफर करती हैं, जिससे लोग अपना पैसा एक निर्धारित समय के लिए निवेश करने को लेकर प्रोत्साहित हों और अपनी निवेश की गई राशि पर रिटर्न पाएं। अगर आप सोच-समझकर, निवेश के सभी फायदे और नुकसान जानते हुए निवेश करेंगे तो आप काफी फायदा कमा सकते हैं। यहां जानिए सबसे अच्छी फाइनेंशियल स्कीम्स के बारे में, जिससे आप भविष्य में पैसों की जरूरत को पूरा कर सकते हैं।

इन 5 जगहों पर लगाएंगे पैसे, तो आपको होगा खूब फायदा

1- फिक्स डिपॉजिट (एफडी)
एफडी निवेश करने का सबसे सुरक्षित और आसान तरीका है, जिसमें आपको एक निश्चित समय के लिए कुछ पैसे जमा करने होते हैं और आपको उन पैसों पर एक निश्चित दर से ब्याज मिलता रहता है। अधिकतर बैंक और फाइनेंशियल कंपनियां एफडी ऑफर करती हैं, जहां आपको 7 फीसदी की शुरुआती दर से ब्याज मिलता है।

एफडी में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप कम से कम 25,000 रुपए भी निवेश कर सकते हैं और अपने मन के मुताबिक जितने दिन चाहे उतने दिन के लिए निवेश कर सकते हैं। लगभग सभी बैंक और फाइनेंशियल कंपनियां एफडी में 7 दिन से लेकर 10 साल तक के निवेश की सुविधा मुहैया कराते हैं। अगर कभी पैसों की बहुत अधिक जरूरत पड़ जाए तो आप इन पैसों को निकाल भी सकते हैं, लेकिन आपको उसके लिए एक निश्चित राशि पेनाल्टी के तौर पर देनी होगी।

आप चाहें तो अपनी पैसों की जरूरत के हिसाब से यह भी चुन सकते हैं कि आपको एफडी पर ब्याज कितने दिनों में चाहिए। यह मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना हो सकता है। आप चाहें तो ब्याज के पुनः निवेश का विकल्प भी चुन सकते हैं, जिससे एफडी के मेच्योर होने पर आपको ब्याज की एकमुश्त राशि मिल जाएगी। एफडी खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए अच्छा विकल्प होता है, जिन्हें अधिक ब्याज दिया जाता है या फिर उन लोगों के लिए एफडी अच्छी है जो लोग रिटायरमेंट की प्लानिंग कर रहे हैं। एफडी से सबसे अधिक फायदा शॉर्ट-टर्म में होता है, जिसकी अवधि 12 महीने से लेकर 60 महीने तक हो सकती है।

2- पर्सनल प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ)
निवेश का यह तरीका भी भारत में काफी लोकप्रिय और सुरक्षित है। यह सरकार की सहायता से चलाई जाने वाली लंबी अवधि की सेविंग स्कीम है, जिस पर टैक्स से भी छूट मिलती है। पीपीएफ में निवेश की जाने वाली राशि पर आयकर की धारा 80सी के तहत छूट दी जाती है। इतना ही नहीं, इन पैसों पर कमाए गए ब्याज पर भी कोई टैक्स नहीं लगता है।

पीपीएफ खाता किसी भी बैंक या फिर पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है, जहां आप अपने पैसे 15 साल के लिए निवेश कर सकते हैं, जिसे आप अतिरिक्त 5 साल के लिए बढ़ा भी सकते हैं। इसमें 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है यानी 5 साल तक आप ये पैसे किसी भी हालत में नहीं निकाल सकेंगे। मौजूदा समय में पीपीएफ में निवेश पर 7.90 फीसदी का कंपाउंड इंट्रेस्ट (चक्रवृद्धि ब्याज) मिल रहा है। आपको इस खाते में साल भर में कम से कम 500 रुपए का निवेश करना होगा और अधिकतम 1,50,000 रुपए का निवेश कर सकते हैं।

3- नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी)
एनएससी भी सरकार की सहायता से चलाई जाने वाली स्कीम है, जिसमें आपको टैक्स छूट तो मिलती ही है, साथ ही गारंटी के साथ रिटर्न भी मिलेगा। यह एक सुरक्षित निवेश है। अपने पास के पोस्ट ऑफिस में जाकर आप एनएससी में 5 साल के लिए निवेश कर सकते हैं। एनएससी पर दी जाने वाली ब्याज दर सरकार की तरफ से निर्धारित की जाती है, जिसकी हर तिमाही में समीक्षा होती ही। हालांकि, ब्याज दर निवेश की अवधि के बीच में नहीं बदलती है। मौजूदा समय में एनएससी में किए गए निवेश पर 7.90 फीसदी का ब्याज मिलता है।

एनएससी में कम से कम 500 रुपए का निवेश किया जा सकता है, जबकि अधिक से अधिक आप जितना चाहें निवेश कर सकते हैं। एनएससी में किए निवेश पर आप टैक्स छूट पा सकते हैं, लेकिन 80सी के तहत आप अधिकतम 1,50,000 रुपए पर ही टैक्स छूट पा सकते हैं। ध्यान रहे, एनएससी पर कमाए गए ब्याज पर टैक्स लगता है, इसलिए आयकर रिटर्न भरते समय अपनी आय में एनएससी से कमाए गए ब्याज को शामिल करना ना भूलें।

4- म्यूचुअल फंड
अगर आप इक्विटी और डेट से फायदा कमाना चाहते हैं तो आप म्यूचुअल फंड में भी निवेश कर सकते हैं। इसमें निवेश करके आप अपनी प्राथमिकताओं के हिसाब से रिस्क और रिटर्न को बैलेंस कर सकते हैं। स्टॉक मार्केट में सीधे निवेश न करके, म्यूचुअल फंड के जरिए शेयर बाजार में निवेश करना काफी सुरक्षित विकल्प है। आप सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में भी निवेश कर सकते हैं, जो छोटे-छोटे निरंतर निवेश के जरिए म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने का सबसे अच्छा तरीका है। निवेश के अन्य विकल्पों की तुलना में म्यूचुअल फंड में निवेश कर के आप अधिक रिटर्न पा सकते हैं।

5- इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस)
जैसा की नाम से ही पता चल रहा है यह ऐसी म्यूचुअल फंड स्कीम है, जिसमें आपका पैसा इक्विटी में लगाया जाता है। ईएलएसएस टैक्स बचाने वाले म्यूचुअल फंड हैं। इसमें लगाए गए पैसे पर आप 80सी के तहत 1,50,000 रुपए तक के निवेश कर टैक्स छूट पा सकते हैं। यह 3 साल के लॉक-इन पीरियड के साथ आता है।

ईएलएसएस में निवेश करके आप अधिक रिटर्न पा सकते हैं, जो महंगाई से लड़ने में आपकी काफी मदद कर सकता है, लेकिन इक्विटी में निवेश करना हमेशा ही रिस्क भरा होता है। ईएलएसएस में कम से कम 500 रुपए का निवेश किया जा सकता है, जबकि अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है।

निवेश के इन विकल्पों में से सोच-समझकर कुछ विकल्प चुन सकते हैं और निवेश कर सकते हैं। कुछ निवेश एफडी और कुछ म्यूचुअल फंड में कर के आप अपने रिस्क को बैलेंस कर सकते हैं। पैसों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयार रहने से आपको और आपके परिवार को हर तरह की पैसों से जुड़ी दिक्कत से निपटने में मदद मिलेगी। जब भी आप इनमें से किसी विकल्प में निवेश करें तो सबसे पहले देख लें कि जिस बैंक या फाइनेंशियल कंपनी में आप निवेश करने जा रहे हैं, वह कितनी भरोसेमंद है, जैसे बजाज फाइनेंस।

बजाज फाइनेंस 8.05 फीसदी की आकर्षक शुरुआती दर पर फिक्स डिपॉजिट स्कीम में निवेश करने का ऑफर दे रहा है। इसमें आपको अपने मन के मुताबिक निवेश की अवधि और ब्याज के भुगतान की अवधि चुनने का भी विकल्प दिया जाता है। बजाज फाइनेंस ऑनलाइन एफडी कैल्कुलेटर का इस्तेमाल कर के पता करें कि आपको कितना ब्याज मिलेगा और मेच्योरिटी पर कितने पैसे मिलेंगे।

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