भारतीयों ने सिखाया चीन को सबक, 43% इंडियन ने मेड इन चाइना प्रोडक्ट्स को नकारा

नई दिल्ली, जून 15। चीन के साथ सीमा विवाद शुरू होने के बाद से भारत और चीन के बीच व्यापर पर भी बड़ा असर पड़ा। पिछले साल गलवान में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद से भारत में चाइनीज प्रोडक्ट्स के बहिष्कार ने रफ्तार पकड़ ली। चीन के साथ बढ़े तनाव के बाद भारत का चीन से आयात लगातार घट रहा है। लोगों ने चीनी सामान खरीदना बंद कर दिया। लोगों ने इसके लिए कई जगहों पर रैलियां भी निकाली और लोगों को चीनी सामानों को न खरीदने की अपील की।

43 percent Indian boycott Made in China Product after Galwan Vally Dispute

ताजा सर्वें में जो कड़ सामने आए हैं उसके मुताबिक 43 फीसदी भारतीयों ने चीनी सामान का बहिष्कार किया। गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प के बाद से ही देश में चीनी सामानों का बहिष्कार बढ़ा। लोकल सर्कल्स द्वारा किए गए सर्वे के मुताबिक बीते एक साल में 43 फीसदी भारतीयों ने कोई भी चीनी सामान नहीं खरीदा। इस सर्वे में एक बात सामने आई कि गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प के बाद लोगों का आकर्षण चाइनीज प्रोडक्ट्स के प्रति कम हुआ।


सस्ता होने के चलते चीनी सामान के प्रति आकर्षित

सर्वे के मुताबिक जिन लोगों ने चाइनीज प्रोडक्ट्स खरीदें उनमें से 70 फीसदी लोगों ने चीनी प्रोडक्ट्स का चुनाव इसलिए किया क्योंकि ये उत्पाद सस्ते और किफायती होते हैं। जबकि 38 फीसदी लोगों का कहना है कि चाइनीज प्रोडक्ट्स बेहतर क्वालिटी के होते है। जबकि 40 फीसदी लोगों ने इसकी खासियत को देखते हुए चीनी उत्पादों को खरीदा। इस सर्वें में 18000 लोगों को शामिल किया जिसमें शहर और ग्रामीण दोनों ही इलाकों के लोगों की राय ली गई। आपको बता दें कि चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर बढ़े तनाव के बाद भारत में चाइनीज प्रोडक्ट्स का बहिष्कार शुरू हो गया। वहीं केंद्र सरकार ने टिकटॉक समेत कई चाइनीज ऐप्स पर बैन लगा दिया।

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