1200 करोड़ रुपए का क्रिप्टो स्कैम: क्रिप्टोकरेंसी का लालच देकर 900 लोगों को लगाया चूना, फिल्मी स्टाइल में ठगी
नई दिल्ली, 6 जनवरी। क्रिप्टोकरेंसी कम समय में जल्दी अमीर बनने का तरीका बन गया है। क्रिप्टोकरेंसी में तेजी से रिटर्न मिलता है, जिसके कारण लोग इसकी ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन जितनी तेजी से ये चढ़ता है उतनी ही तेजी से ये गिरता है। वहीं इसका कोई नियामक नहीं है, जिसके कारण इसपर कोई कंट्रोल नहीं है और यहां निवेश हमेशा से जोखिम से भरा रहता है। क्रिप्टोकरेंसी की बढ़ती लोकप्रियता के बीच देश में 1200 करोड़ के क्रिप्टो स्मैक का पर्दाफाश हुआ है।

1200 करोड़ का क्रिप्टो स्कैम
देश में फेक क्रिप्टोकरेंसी का घोटाला सामने आया है। एक नई क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर करीब 900 लोगों से 1200 करोड़ रुपए की ठगी का सामला सामने आया है, जिसके बाद ईडी देश के कई हिस्सों में छापेमारी कर रही है। इस मामले में ईडी ने साउथ के एक फिल्म अभिनेता के घर पर भी छापेमारी की गई है, हालांकि एक्टर ने इस मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया है।

900 लोगों को लगाया चूना
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक धोखेबाजों ने इनिशियल कॉइन ऑफरिंग (IOC) के नाम पर इस घोटाले को अंजाम दिया और 900 लोगों को चूना लगाया। इस स्कैम में फंसने वाले अधिकांश लोग वो हैं, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान फेक क्वाइन Morris Coin में निवेश किए थे। दरअसल साल 2020 में Morris Coin को कोयंबटूर बेस्ड क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Franc Exchange के साथ लिस्ट किया गया था. इसे लोगों के सामने उसी तरह से पेश किया गया जैसे IPO को किया जाता है। 10 क्वाइन की कीमत 15000 रुपए रखी गई और इसका लॉकिंग पीारियड 300 दिन रखा गया। लोगों को झांसा दिया गया कि बाकी क्रिप्टोकरेंसी की तरह जल्द ही ये मोरिस क्वाइन महंगा होगा और उन्हें तगड़ा मुनाफा देगा।

पैसा डबल करने का दिया झांसा
घोटालेबाजों ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इस क्वाइन को असली क्रिप्टोकरेंसी की तरह पेश किय़ा। शुरुआत में इसे ऑनलाइन एजुकेशन ऐप की कंपनी लॉग रिच टेक्नोलॉजी, लॉग रिच ट्रेडिंग, लॉग रिच ग्लोबल ने पेश किया और दावा किय़ा कि उनका ये क्रिप्टो असली है, जो जल्द ही उनके पैसे डबल कर देगा। मॉरिस कॉइन को अपने क्रिप्टोकॉइन के रूप में पेश कर निवेशकों को पैसा निवेश करने के लिए आकर्षित किया गया और अब खुलासा हुआ कि ये फेक क्रिप्टोकरेंसी है। ईडी के मुताबिक केरल के मल्लापुरम जिले के रहने वाले 31 साल के निशाद नाम के युवक ने इस पूरे स्कैम की प्लानिंग की और वो ही इसका मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इससे पहले भी उसपर धोखाधड़ी का केस दर्ज था। अब निशाद देश छोड़कर भाग चुका है।












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