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'पुलिस वाली मैडम' के नाम से मशहूर हुईं गुड्डन चौधरी, गरीब बच्चों के लिए सड़क किनारे लगाती हैं पाठशाला

'पुलिस वाली मैडम' के नाम से मशहूर हुईं गुड्डन चौधरी, गरीब बच्चों के लिए सड़क किनारे लगाती हैं पाठशाला

बुलंदशहर (Bulandshahr) जिले के खुर्जा देहात थाने में तैनात महिला कांस्टेबल गुड्डन चौधरी (Guddan Choudhary) ने ऐसी मिसाल पेश की, जिसे देख और सुनकर हर कोई उसकी तारीफ करते नहीं थक रहा है। दरअसल, महिला कांस्टेबल गुड्डन चौधरी (lady police constable Guddan Choudhary) ने गरीब बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा अपने कंधों पर उठाया हुआ है। गुड्डन अपराधियों को पकड़ने के साथ-साथ आर्थिक रूप से बेहद कमजोर बच्चों को शिक्षित करने का काम भी करती हैं।

पुलिस वाली मैडम के नाम से मशहूर हैं गुड्डन चौधरी

पुलिस वाली मैडम के नाम से मशहूर हैं गुड्डन चौधरी

गुड्डन चौधरी, बुलंदशहर जिले के खुर्जा देहात थाने में तैनात हैं और 'पुलिस वाली मैडम' के नाम से मशहूर हो रही है। गुड्डन चौधरी ऐसे बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिनके परिजन पैसों के अभाव के चलते अपने बच्चों को शिक्षा नहीं दे पाते। खास तौर पर सड़क के किनारे बेसहारा लोग जो तंबू गाड़ कर रहते हैं। या फिर झुग्गी झोपड़ियों में रहते हैं और उनके बच्चे पढ़ाई से काफी दूर रहते हैं। ऐसे करीब तीन दर्जन से भी ज्यादा बच्चों को गुड्डन चौधरी खुद पढ़ाती हैं।

सड़क पर लगाती हैं पाठशाला

सड़क पर लगाती हैं पाठशाला

गुड्डू चौधरी बताती है कि वो हर रोज ड्यूटी करने के बाद अपना कीमती समय निकालकर सड़क पर ही पाठशाला लगाकर बच्चों को पढ़ाती है। इतना ही नहीं, जो बच्चे पेन कॉपी-किताब नहीं खरीद पाते, उनको वह खुद अपने पैसों से पढ़ने की सामग्री खरीद कर देती हैं। इस वजह से गुड्डन चौधरी इलाके में पुलिस वाली मैडम के नाम से काफी फेमस हो गई है। गुड्डन की इस पहल को देखते हुए बुलंदशहर एसएसपी श्लोक कुमार भी बुलंदशहर पुलिस की तरफ से मदद का आश्वासन दिया है।

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    2019 में शुरू किया था गरीब बच्चों को पढ़ाना

    2019 में शुरू किया था गरीब बच्चों को पढ़ाना

    गुड्डन चौधरी की मानें तो जो कूड़ा बीनते है, इधर-उधर घूमते हैं और गरीब बेसहारा होते है। जिसके पास पढ़ने के लिए पैसा नहीं होता है ऐसे बच्चों को 2019 में पढ़ाना शुरू किया था। लेकिन, कोरोना महामारी के चलते उस समय बच्चों की पढ़ाई पर ब्रेक लग गया था। मगर तभी से मैं इन छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ा रहा हूं, जिससे कि यह बच्चे शिक्षित हो और अपने जीवन में कुछ अच्छा कर सके। उन्होंने बताया कि वह नाइट या डे की ड्यूटी पूरी कर, कुछ समय बच्चों को पढ़ाने के लिए निकाल लेती हैं।

    लोग भी दे अपना सहयोग: गुड्डन चौधरी

    लोग भी दे अपना सहयोग: गुड्डन चौधरी

    गुड्डन ने बताया कि मेरा उद्देश्य केवल यही है, सभी बच्चे शिक्षित रहें और आगे बढ़कर कुछ अच्छा कर पाए। गुड्डन चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जो लाग जारुक है और शिक्षा के महत्व को समझते है वो इन बच्चों को पढ़ाने में सहयोग करे। ताकि, यह बच्चे मुख्यधारा से जुड़ सके। महिला कांस्टेबल गुड्डन चौधरी ने कहा कि अशिक्षा के कारण इनमें से कुछ बच्चे क्रिमिनल (अपराधी) बन जाते है उससे बच सके। क्योंकि, इनमें से कुछ बच्चे ऐसे थे जो चोरी करते थे। इन बच्चों को यह जानकारी नहीं होती है कि उन्हें यह काम नहीं करना चाहिए।

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