Year Ender 2023: इस साल इन आदतों ने बच्चों पर डाला नेगेटिव प्रभाव, जानिये इनके बारे में...
Year Ender 2023: साल 2023 काफी मायनों में खास रहा। बच्चों की बात की जाए तो इस साल उनकी हेल्थ में बड़े बदलाव देखने को मिले। अकसर पेरेंट्स को अपने बच्चों में दिखने वाले छोटे छोटे बदलाव नजर नहीं आते और ना ही वे इन्हें बदलने और ध्यान देने की कोशिश करते हैं।
साल 2023 में बच्चों के शरीर में कई तरह के बदलाव देखे गए। डिजिटाइजेशन बढ़ने के साथ ही बच्चों का भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल बढ़ा। ऐसे में उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर इसका बेहद गलत असर हुआ। चलिये बात करते हैं उन जीवनशैली से जुड़ी आदतों के बारे में, जिन्होंने बच्चों पर बेहद गलत डाला...

'हिंदुस्तान टाइम्स' की खबर के मुताबिक, डॉ. बंसल बताते हैं कि लंबे समय तक स्क्रीन पर समय बिताने, नींद के पैटर्न में व्यवधान और कम शारीरिक गतिविधि ने बच्चों के स्वास्थ्य को सामान्य रूप से कैसे प्रभावित किया...
1. गतिहीन जीवन शैली
अत्यधिक स्क्रीन टाइम का मतलब अक्सर लंबे समय तक निष्क्रियता होता है, जिससे एक गतिहीन जीवन शैली होती है। लंबे समय तक बैठे रहने से शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है और कम कैलोरी बर्न है, जिससे मोटापा बढ़ जाता है।
2. अनहेल्दी खान-पान की आदतें
लंबे समय तक स्क्रीन के संपर्क में रहने वाले बच्चों में बिना सोचे-समझे नाश्ता करने या हेल्थ के लिए नुकसानदेह खाद्य पदार्थ खाने की संभावना अधिक हो सकती है। स्क्रीन पर हाई कैलोरी, कम पोषक तत्वों वाले खाने की क्रेविंग ज्यादा हो सकती है, जिससे खराब आहार संबंधी आदतें और वजन बढ़ सकता है।
3. स्लीपिंग पैटर्न में खलल
स्क्रीन पर बिताया गया समय, खासकर सोने से पहले, नींद के पैटर्न को बाधित कर सकता है। भूख और चयापचय को नियंत्रित करने वाले हार्मोन पर इसके प्रभाव के कारण अपर्याप्त नींद को बच्चों में वजन बढ़ने और मोटापे से जोड़ा गया है।
4. शारीरिक गतिविधि में कमी
बढ़ा हुआ स्क्रीन समय अक्सर उस समय की जगह ले लेता है जिसे शारीरिक गतिविधियों या खेलों में शामिल करने में खर्च किया जा सकता था। व्यायाम की यह कमी आगे चलकर वजन बढ़ने और मोटापे में योगदान करती है।
5. तनाव और गलत खानपान
अत्यधिक स्क्रीन समय के कारण कुछ बच्चों में तनाव, चिंता या यहां तक कि डिप्रेशन भी बढ़ सकता है। ये इमोशनल चीजें खाने की आदतों को भी ट्रिगर कर सकती हैं।
6. माता-पिता के नियंत्रण पर प्रभाव
लंबे समय तक स्क्रीन पर रहने से बच्चों की खाने की आदतों या शारीरिक गतिविधियों पर माता-पिता का नियंत्रण कम हो सकता है। जब माता-पिता अपने बच्चे का अत्यधिक समय स्क्रीन पर बिताते हैं, तो उनके व्यवहार की निगरानी और नियमन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।












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