चंद्रमा पर गांव बनाने का काम तेज, इस साल तक इंसानों के बसने की उम्मीद
नई दिल्ली, 2 मार्च: ज्यादातर बड़े देश अंतरिक्ष में अपने मिशन चला रहे हैं, ताकि वहां पर जीवन की संभावनाओं का पता लगाया जा सके। अभी वैज्ञानिकों का सबसे ज्यादा फोकस चंद्रमा पर है, जो पृथ्वी के काफी करीब है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि 2040 तक चंद्रमा पर जीवन बसाया जा सकेगा, लेकिन इस प्रोजेक्ट पर काफी खर्च होने की उम्मीद है।

ये है प्लान
दरअसल वैज्ञानिकों का मानना है कि उन्होंने चंद्रमा की चट्टानों से ऑक्सीजन निकालने वाली मशीन का उपयोग करके वहां पर इंसानों को बसाने का एक तरीका खोज लिया है। इसके तहत एक मानवरहित यान चंद्रमा पर भेजा जाएगा, जो चट्टानों को धूल में बदल देगा। इसके बाद इसे ऑक्सीजन छोड़ने के लिए गर्म किया जाएगा। इससे निकलने वाली ऑक्सीजन को टैंकों में इकट्ठा किया जाएगा।

दो साल में शुरू होगा प्रोजेक्ट
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने थेल्स एलेनिया स्पेस के साथ £840,000 (8.45 करोड़) का सौदा किया है, जोकि फ्रांसीसी और इटैलियन फर्मों का गठबंधन है। इस उपकरण को बनाने के लिए ब्रिटेश वैज्ञानिकों की भी मदद ली जा रही है। मामले में थेल्स एलेनिया स्पेस के रोजर वार्ड ने कहा कि दो सालों के अंदर इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम चांद पर अनुसंधान स्टेशन चाहते हैं, जो स्थायी हो।

फ्यूल स्टेशन बनाया जाएगा
उन्होंने आगे कहा कि यही वो समय है जब आप चंद्रमा के गांवों और ऑक्सीजन जैसे संसाधनों की आवश्यकता के बारे में सोचना शुरू करते हैं। वैज्ञानिकों को ये भी उम्मीद है कि चंद्रमा को फ्यूल रिफिलिंग स्टेशन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जो लंबे अंतरिक्ष मिशनों के दौरान काम आएंगे। साथ ही वैज्ञानिकों की कोशिश है कि हमें उस बिंदु पर पहुंचना चाहिए, जहां चंद्रमा पर जाना बहुत सामान्य बात हो।

पानी के मिले थे सबूत
नासा ने 2020 में एक रिपोर्ट जारी कर सबको चौंक दिया था। उस दौरान उसने घोषणा की थी कि चांद की सतह पर पानी होने के निर्णायक सुबूत मिले हैं। इस खोज को साइंस जर्नल नेचर एस्ट्रोनॉमी में दो अलग-अलग शोधपत्रों में प्रकाशित किया गया था।












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