Whiptail lizards: यह कौन सी प्रजाति है, जिसमें सिर्फ मादाएं होती हैं? इसकी खासियत जानिए
प्रकृति विचित्र चीजों से भरी हुई है, उसी में से एक है व्हिपटेल छिपकली। यह एक ऐसी छिपकली है, जिसमें नर नहीं होते हैं और मादाएं खुद से ही प्रजनन कर लेती हैं।

जीव की ऐसी प्रजाति जिसमें सिर्फ मादाएं होती हैं, सुनने में बड़ा अजीब लगता है। लेकिन व्हिपटेल छिपकली एक ऐसा ही जीव है, जिसमें नर होते ही नहीं हैं। यह सिर्फ मादाओं की प्रजाति है। धरती पर ऐसी कुछ ही प्रजातियां हैं, जिसमें यह गिरगिट भी शामिल है। इन्हें बच्चे पैदा करने के लिए नर की जरूरत ही नहीं पड़ती। यह सिलसिला करीब एक करोड़ साल से चल रहा है।

व्हिपटेल छिपकली में नर नहीं होते
जीवों की दुनिया में यह मामला अपने आप में अनोखा है। क्योंकि, नर और मादा से ही किसी जीव का पूरा जीवन चक्र चलता है। दोनों मिलकर ही अपनी प्रजाति को आगे बढ़ाते आए हैं। लेकिन, उत्तरी मेक्सिको और दक्षिण-पश्चिम अमेरिका में पाई जाने वाली व्हिपटेल छिपकली में नर होते ही नहीं हैं।
छिपकली की सिर्फ मादाओं वाली प्रजाति
व्हिपटेल छिपकली उन चुनिंदा प्रजातियों में शामिल है, जो नर से पूरी तरह से वंचित हैं। देखने से वह काफी हद तक बाकी छिपकिलियों या गिरगिटों की तरह ही लगते हैं। लेकिन, इनकी आकृति में कुछ खासियत भी है। इनका विकास स्थानीय परिस्थियों के हिसाब से हुआ है।

शरीर से लंबी पूंछ होती है
यह अपनी छिलकेदार त्वचा और शरीर से लंबी पूंछ की वजह से पहचानी जा सकती हैं, जो चाबुक की तरह दिखती हैं। अधिकतर गिरगिटों की तरह ही इनकी जीभ भी कांटेदार होती है। यह छोटे कीड़े-मकोड़े, फल आदि खाती हैं, जो भी स्थानीय तौर पर उपलब्ध होता है।
अकेली माताएं ही देती हैं बच्चों को जन्म
वैसे ज्यादातर छिपकलियों से उलट, ये दो वर्ष की उम्र में ही यौन परिपक्वता प्राप्त कर लेती हैं और अपने से ही बच्चों को जन्म देती हैं। सवाल है कि बिना नर साथी के यह कैसे संभव होता है और अभी तक यह विलुप्त क्यों नहीं हुई हैं?

अलैंगिक प्रजनन से बच्चे पैदा होते हैं
दअरसल, व्हिपटेल छिपकिली पार्थेनोजेनिक हैं। मतलब इनके बच्चे अंडाणु और शुक्राणु के मिलन से नहीं पैदा होते। इस तरह की प्रक्रिया कुछ तरह की मछलियों, सरीसृपों और उभयचरों में भी देखने को मिलती हैं। व्हिपटेल के बच्चे अनिषेचित अंडे से विकसित होते हैं। जिसमें क्रोमोजोम की दोनों कॉपी मां की ही होती है। यह पूरी तरह से अलैंगिक तरीके से प्रजनन करती हैं।
Recommended Video
अपनी माताओं की क्लोन की तरह होते हैं बच्चे
अलैंगिक प्रजनन की स्थिति में अलग-अलग जीन का मिलन नहीं हो पाता। इस तरह से सारे बच्चे अपनी माता के क्लोन बनते जाते हैं। उनमें पूरी तरह से वही आनुवंशिक गुण होते हैं, जो उनकी माताओं में होते है। मतलब, एक भी आनुवंशिक बीमारी पूरी प्रजाति को समाप्त कर सकती है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि व्हिपटेल छिपकिली के विकास में करीब एक करोड़ साल लगे होंगे। वैसे तो जीवों की करीब 80 प्रजातियां हैं, जो खुद का क्लोन तैयार कर सकती हैं। लेकिन, संभवत: व्हिपटेल छिपकिली अकेली ऐसी प्रजाति है, जो हर परिस्थिति में अलैंगिक प्रजनन ही करती हैं।
ऐसी प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा क्यों है?
बाकी ऐसी प्रजातियां तब अपना क्लोन तैयार करती हैं, जब नरों की अनुपलब्धता रहती है, उन परिस्थितियों में वह समय के अनुसार खुद को ढाल लेती हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि परिस्थियों के अनुसार ढालना जीवन रक्षा के लिए बहुत ही ज्यादा आवश्यक है। लेकिन, व्हिपटेल छिपकिली में इसकी कमी है और इसलिए इस तरह की प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा बना रहता है। (स्रोत-साइंस एबीसी डॉट कॉम, तस्वीरें सौजन्य-सोशल मीडिया वीडियो)












Click it and Unblock the Notifications