500, 1000 नोट बंदी: फेसबुक पर वायरल हुई इस कैब ड्राइवर की कहानी, पीएम मोदी ने किया री-ट्वीट
आज से 500 और 1000 के नोट बैंकों में मिलने शुरू हो गए हैं लेकिन इसी बीच एक ओला कैब ड्राइवर ने ऐसी दरियादिली दिखाई जिसके सोशल मीडिया पर खूब चर्चे हैं।
नई दिल्ली। 500 और 1000 की नोटों को बंद करने संबंधी केंद्र सरकार के फैसले पर लोगों को हर रोज कई तरह की समस्याओं से परेशान होना पड़ रहा है।

हालांकि, आज से नोट बैंकों में मिलने शुरू हो गए हैं लेकिन इसी बीच एक ओला कैब ड्राइवर ने ऐसी दरियादिली दिखाई जिसके सोशल मीडिया पर खूब चर्चे हैं। उसकी मिसाल की सच्ची कहानी को फेसबुक पर महज चंद घंटों में ही कई हजार लोगों ने शेयर किया।

इतना ही नहीं, इस कैब ड्राइवर की कहानी से पीएम नरेंद्र मोदी इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने उसकी स्टोरी को अपने ट्विटर अकाउंट से री-ट्वीट किया।
कुछ ऐसे सामने आई कैब ड्राइवर की दरियादिली -
विप्लव अरोरा नाम के एक शख्स ने ओला कैब्स को फेसबुक पर संदेश लिखा कि, 'आज मैंने रेलवे स्टेशन जाने को ओला कैब बुक की। उस वक्त दुर्भाग्य से मेरे वॉलेट में 500 के ही नोट थे। मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी कि 500 और 1000 की नोटें नहीं चल रही हैं। फिर ख्याल आया कि ओला मनी से आॅनलाइन पेमेंट कर दूं लेकिन बिल की रकम अकाउंट में जमा रकम से कहीं ज्यादा थी।
इसके बाद कैश देने की सोची लेकिन कोई भी एटीएम काम नहीं कर रहा था। यह भी कंफर्म हो चुका था कि कोई भी 500 रुपए का खुला नहीं देगा।
इसके बाद कैब ड्राइवर ने जो जवाब दिया उसने मेरे मन में उसके प्रति आदर का भाव पैदा कर दिया। इसी वजह से मैं यह पोस्ट लिख रहा हूं। ड्राइवर ने कहा,'सर बाकी के पैसे रहने दीजिए। दो पैसे कम कमा लेंगे। जरा सी तकलीफ होगी और यह तो सबको हो रही है। हम भी समझ लेंगे कि सरकार के फैसले का हम सम्मान करके देश की तरक्की में योगदान दे रहे हैं। आप बेफिक्र होकर ट्रेन लीजिए।'
विपलव ने अपनी पोस्ट में ड्राइवर विपिन कुमार का जिक्र भी किया। उन्होंने उनको हैश टैग करते हुए लिखा इस ड्राइवर को सैल्यूट करता हूं। इस ड्राइवर ने पीएम नरेंद्र मोदी की उस बात को सही साबित कर दिया कि देश का आम आदमी हमेशा उस को स्वीकार करने को तैयार रहता है तो देश हित में हो।
इस पोस्ट को जबरदस्त रेस्पॉन्स मिला है। हजारों लोगों ने इसपर कमेंट भी किए। यहां तक कि विपलव की इस पोस्ट पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की नजर पड़ी तो उन्होंने इसे ट्वीट किया। बाद में मोदी ने इसे री-ट्वीट किया।












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