राजस्थान के जज की टिप्पणी के बाद 'ब्रह्मचारी' मोर हुआ वायरल, लोगों ने उड़ाया मजाक
चूंकि मोर ब्रह्मचारी होता है, इसीलिए भगवान कृष्ण उसके पंख को अपने शीश पर स्थान देते थे।
नई दिल्ली। राजस्थान हाईकोर्ट के जज महेशचंद्र शर्मा ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को लेकर ऐसा बयान दिया कि सोशल मीडिया पर मोर को लेकर खलब ली मच गई। अपनी सेवा के अंतिम दिन महेश शर्मा ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि गाय को भारत के राष्ट्रीय पशु का दर्जा दे दिया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क देते हुए गाय की तुलना 'मोर' से की और कहा मोर एक पवित्र पक्षी है। उन्होंने कहा कि मोर आजीवन ब्रह्मचारी रहता है और वह कभी मोरनी के साथ सेक्स नहीं करता। मोर के आंसुओं को पीने से मोरनी गर्भवती होती है।

उन्होंने अपने तर्क में भगवान को भी शामिल कर लिया और कहा कि चूंकि मोर ब्रह्मचारी होता है, इसीलिए भगवान कृष्ण उसके पंख को अपने शीश पर स्थान देते थे। जज साहब के इस तर्क को सुनकर लोगों ने उनकी आलोचना शुरू कर दी। लोग सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देने लगे। ट्विटर पर इसके बाद ऐसे संदेशों की बाढ़ आ गई, जिन्होंने मोर और मोरनी को लेकर अलग-अलग दलील दी जाने लगी।
लोग ये साबित करने में जुट गए कि मोर-मोरनी भी दूसरे जीवों की तरह के प्रजनन करते हैं, और कुछ यूज़रों ने अपने तर्क को सिद्ध करने के लिए वीडियो तक पोस्ट कर डाले।एक यूजर ने तो ब्रह्मचारी पीकॉक के नाम से प्रोफाइल भी बना डाली । वहीं #brahmacharipeacock और #sanskaaripeacock हैशटैग ट्रेंड करने लगा। देखिए लोगों ने कैसे-कैसे रिएक्शन लेने लगे।












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