स्कूल का फरमान-क्लास में लड़के और मेल टीचर्स पहनकर आएं स्कर्ट, ऐसा करने की ये है वजह
एडिनबर्ग, 05 नवंबर: यूरोपीय देश स्पेन के एडिनबर्ग में इन दिनों एक बेहद ही दिलचस्प नजारा देखने को मिल रहा है। यहां के स्कूल में पुरुष शिक्षक और लड़के स्कर्ट पहनकर पहुंच रहे हैं। दरअसल ये टीचर्स और स्टूडेंटस #ClothesHaveNoGender अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। वे लैंगिग समानता और उस छात्र के सपोर्ट में कर रहे हैं जिसे बीते साल अक्टूबर में स्कर्ट पहनने के लिए स्कूल ने निष्कासित कर दिया था।

छात्र क्लास में स्कर्ट पहनकर आएं
'मिरर यूके' की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है कि एडिनबर्ग के कैसलव्यू प्राइमरी स्कूल ने छात्र और छात्राओं दोनों को क्लास में स्कर्ट पहनकर आने के लिए कहा है। कैसलव्यू प्राइमरी स्कूल में P6 वर्ष समूह के बच्चों ने 'वियर ए स्कर्ट टू स्कूल' मूवमेंट में हिस्सा लिया। यह 'Clothes Have No Gender' अभियान का ही हिस्सा है। यह मूवमेंट 15 साल के माइकल गोमेज के समर्थ में चल रहा है।

माइकल गोमेज के साथ क्या हुआ था?
डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में स्पेन के एक शहर बिलबाओ के एक स्कूल में पढ़ने वाले 15 साल के माइकल गोमेज स्कर्ट पहनकर पहुंचे थे। माइकल को स्कर्ट में देख उसे निष्कासित कर दिया गया और एक मनोवैज्ञानिक के पास भेज दिया गया। माइकल ने इसके बाद एक टिकटॉक वीडियो भी डाला था, जिसमें बताया था कि फेमिनिज़्म और डाइवर्सिटी को सपोर्ट करने के लिए उसने स्कर्ट पहना था।

गोमेज के समर्थन में चला ये अभियान
माइकल के निष्कासन के बाद स्कूल के कई सारे टीचर्स और स्टूडेंट्स उनके सपोर्ट में आए। 4 नवंबर को स्कूल के गणित के टीचर जॉस पिनास सबसे पहले स्कर्ट पहनकर बच्चों को पढ़ाने पहुंचे। अपनी एक तस्वीर भी उन्होंने ट्विटर पर डाली थी। इस घटना के एक साल बाद एक बार फिर से इस मूवमेंट को अपना समर्थन देने के लिए कैसलव्यू स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ टीचर्स भी स्कर्ट पहने नजर आएंगे। उन्होंने मिकेल गोमेज के समर्थन में, रूढ़ियों को तोड़ने के लिए 'Wear A Skirt To School' कैंपेन में हिस्सा लेने का फैसला किया है।

टीर्चस भी स्कर्ट पहन पहुंचे स्कूल
वहीं इसे लेकर स्कूल की महिला टीचर मिस व्हाइट ने कहा- "स्कूल रूढ़ियों को तोड़ने की दिशा में बढ़ रहा है। हमने 'वियर ए स्कर्ट टू स्कूल डे' का आयोजन किया है। किसी को स्कर्ट पहनने के लिए मजबूर नहीं किया गया है। वहीं दूसरी तरफ इस कदम की कुछ पैरेंट्स ने प्रशंसा की, तो किसी ने इसपर आपत्ति भी जताई। रिपोर्ट की मानें, तो सोशल मीडिया पर अब कई सारे लोग #ClothesHaveNoGender मूवमेंट को सपोर्ट कर रहे हैं। स्पेन के एक टाउन में एक स्कूल के कुछ पुराने स्टूडेंट्स महीने की हर चार तारीख को स्कर्ट पहनकर इकट्ठा हो रहे हैं।
हाल ही, 37 साल के टीचर मैनुयल ओरटेंगा और 36 वर्षीय शिक्षक बोरजा ने क्लास में स्कर्ट पहनकर जाना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि उनके स्कूल में भी एक छात्र के स्वेटशर्ट पहनने पर उसे बुली किया गया था। दरअसल, स्टूडेंट की टीशर्ट देखने के बाद उसे समलैंगिक कहकर मजाक बनाने की कोशिश की गई और उसे इतना शर्मिंदा किया गया कि वो काफी भावुक हो गया, और उसे अपनी टीशर्ट बदलनी पड़ गई थी। यही कारण है कि दोनों शिक्षक पिछले एक महीने से अपने स्कूल में स्कर्ट पहनकर ही आ रहे हैं।












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