इस जंगली जीव का दिमाग ऐसा कि डॉक्टर भी फेल, 5 दिन में खुद का किया इलाज, जानिए कैसे?
ओरंगुटान की मौजूदा तीन प्रजातियों में से सुमात्राण ओरंगुटान एक दुर्लभ प्रजाति है। ये केवल इंडोनिशिया के द्वीप सुमात्रा के उत्तर में पाया जाता है। ओरंगुटान के इस प्रजाति में इंसानों जैसा दिमाग देखा गया। साइंटिस्ट्स ने दावा किया कि ये पहला मौका है, जब किसी वन्य जीव ने अपनी घाव का खुद इलाज करते हुए देखा गया।
साइंटिस्ट इसाबेल लॉमर के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की एक टीम ओरंगुटान का निरीक्षण कर रही थी। लेकिन उसके चेहरे पर इस बीच घाव देखा गया। पत्रिका नेचर में प्रकाशित एक आर्टिकल के मुताबिक, चोट लगने के तीन दिन बाद, ओरंगुटान ने एक खास पौधे लियाना की पत्तियां चबाना शुरू कर दिया।

लियाना प्रजाति के इस पौधे को बेहद गुणकारी शक्तिशाली औषधीय पौधा माना जाता है। इसकी पत्तियों में घाव को ठीक करने के विशेष क्वालिटी होती है। हालांकि लियाना की पत्तियां ओरंगुटान का नियमित आहार नहीं है, लेकिन चोट लगने पर घाव ठी करने के लिए ओरंगुटान ने नियमित इसकी सेवन किया। यहां नहीं वन्य जीव को पत्तियों को दांतों चबाने के साथ इसे हाथ से मसलकर अपने घाव पर भी लगाते देखा गया।
इससे पहले भी कुछ वन्य जीवों को खुद का इलाज करते हुए देखा गया। साइंटिस्ट्स ने एक इससे पहले चिंपैंजी को लेकर ऐसा ही दावा किया था, जब गैबॉन में चिंपैंजी के एक ग्रुप के एक जीव को अपने घावों को ठीक करने का प्रयास करते हुए देखा गया।
साइंटिस्ट ने क्या कहा?
इसाबेल लॉमर ने कहा, जंगल में ऐसा कुछ देखना अविश्वसनीय रूप से दुर्लभ है, क्योंकि वे केवल प्राचीन, अत्यधिक विकसित प्रजातियों में होते हैं, और शोधकर्ताओं को सही समय पर सही जगह पर होने की आवश्यकता होती है। सुमात्राण ओरंगुटान की एक्टिविटी पर रिसर्च कर रहे साइंटिस्ट ने दावा किया की लियाना प्रजाति के पौधों में घावों के इंफेक्शन को ठीक करने की क्षमता होती है। लॉमर के मुताबिक, " ओरंगुटान का घाव काफी तेजी से ठीक हो रहा था। चार दिनों के भीतर, घाव बंद हो गया, किसी भी संक्रमण का कोई संकेत नहीं है।"












Click it and Unblock the Notifications