यहां सरकार नहीं देती लोगों को 'मरने' की इजाजत, 104 साल पहले हुई थी आखिरी मौत

लॉन्ग इयरबेन, 11 नवंबर। जीवन और मृत्यु दुनिया का अटल सत्य है, लेकिन दुनिया में एक ऐसी भी जगह है जहां पिछले 104 सालों में एक भी मौत नहीं हुई है। जी हां, ये सुनकर जरूर आपका माथा घूम गया होगा लेकिन सरकारी आंकड़ों की माने तो वहां 1917 के बाद से किसी भी इंसान की प्राकृतिक या अप्राकृतिक मौत नहीं हुई है। कहा जाता है कि भगवान के हाथों में हर प्राणी का जीवन और मरण होता है लेकिन, जिस स्थान की बात हम कर रखे हैं वहां की सरकार ने लोगों के मरने पर बैन लगा रखा है।

यहां 1917 के बाद नहीं हुई एक भी मौत

यहां 1917 के बाद नहीं हुई एक भी मौत

हम बात कर रहे हैं नॉर्वे के लॉन्ग इयरबेन की जहां, मई से लेकर जुलाई तक सूरज नहीं डूबता। इस जादूई जगह लागातार 76 दिन आसमान में सूरज चमकता रहता है, यानी इतने दिनों के लिए यहां के लोग अंधेरा नहीं देखते। हालांकि इसके बावजूद यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है और इस स्थान पर बिना सरकार की मर्जी के कोई अपना प्राण नहीं त्याग सकता। स्थानीय सरकार ने लॉन्ग इयरबेन में लोगों के मरने पर बैन लगा रखा है।

इस वजह से है मरने पर बैन

इस वजह से है मरने पर बैन

यहां आखिरी मौत 1917 में हुई थी, तब से यहां किसी को मरने की इजाजत नहीं है। दरअसल, इसके पीछे एक खास वजह है। यहां इतनी ठंड पड़ती है कि पानी हमेशा जमा हुआ रहता है। अगर यहां किसी की मौत होती है तो उसे दफनाए जाने के बाद ठंड की वजह से शव में सड़न नहीं आती और वह सदियों तक ज्यों के त्यों जमीन में दफन रहती है। बॉडी डिकंपोज नहीं होती।

104 साल से नहीं सड़ा शव

104 साल से नहीं सड़ा शव

यहां करीब 104 साल पहले एक शख्स की मौत इन्फ्लुएंजा की वजह से हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शख्स की मौत के बाद उसके शव को वहीं दफना दिया गया था लेकिन भीषण ठंड की वजह से आज तक उसकी बॉडी सड़ नहीं पाई है। इतना ही नहीं, कहा जाता है कि आज भी उसके शव में इन्फ्लुएंजा के वायरस मौजूद हैं। इसके बाद से स्थानीय सरकार ने लोगों के यहां मरने पर बैन लगा दिया।

मरने से पहले कर दिया जाता है शिफ्ट

मरने से पहले कर दिया जाता है शिफ्ट

अगर आप ये सोच रहे हैं कि बैन लगाने से मौत कैसे रुक सकती है तो जरा ठहरिए, इसका जवाब आगे मिल जाएगा। दरअसल, सरकार द्वारा मरने पर बैन लगाए जाने के बाद से जब यहां किसी की मौत होनी निश्चित लगती है तो उसे दूसरी जगह भेज दिया जाता है। इसका अंदाजा उसकी उम्र, सेहत और बीमारी से लगाया जाता है। दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने पर उसकी वहां देखभाल की जाती है।

इन देशों में भी है मरने की मनाही

इन देशों में भी है मरने की मनाही

अगर वहीं उसकी मौत हो जाती है तो उसका वहीं अंतिम संस्कार कर दिया जाता है। अगर किसी की अकस्मात मौत होती है तो उसके शव को दूसरी जगह दफन किया जाता है। दुनिया में सिर्फ नॉर्वे ही नहीं बल्कि और भी ऐसी कई जगहें हैं जहां लोगों के मरने पर प्रतिबंध है। इनमें इत्सुकुशिमा (जापान), लैंजारोन (स्पेन), सर्पोरेंक्स और कुग्नॉक्स (फ्रांस), सेलिया (इटली) और बिरितिबा मिरिम (ब्राजील) शामिल है।

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