Bermuda Triangle का रहस्य सुलझा ? अलौकिकता को लेकर एक वैज्ञानिक का बहुत बड़ा दावा

नई दिल्ली, 8 मई: एक ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक ने बरमूडा त्रिकोण के अनसुलझे रहस्य को सुलझा लेने का दावा किया है। कार्ल क्रुजेलनिकी नाम के इस वैज्ञानिक ने इस रहस्य से जुड़े सभी संभावनाओं की पड़ताल करने के बाद नतीजे पर पहुंचने की बात की है। उन्होंने अपने अध्ययन की शुरुआत उसी फ्लाइट 19 की घटना से की है, जिसने अटलांटिक महासागर के इस क्षेत्र को पहली बार इतना भयानक साबित किया था। गौरतलब है कि बरमूडा त्रिभुज पर बड़ी बजट की हॉलीवुड फिल्में भी बन चुकी हैं और दूसरी दुनिया से भी इसका नाता जोड़ा जा चुका है। है। लेकिन, अब एक वैज्ञानिक अपनी रिसर्च के आधार पर इसका रहस्य सुलझा देने के दावे के साथ आए हैं।

बरमूडा त्रिकोण का रहस्य सुलझा- दावा

बरमूडा त्रिकोण का रहस्य सुलझा- दावा

इंसानी दुनिया के लिए बहुत बड़े रहस्यों में से एक बरमूडा त्रिकोण के रहस्य को सुलझा लेने का एक वैज्ञानिक ने दावा किया है। उत्तर-पश्चिम अटलांटिक महासागर में स्थित यह रस्यमयी क्षेत्र शैतानी त्रिकोण के नाम से भी कुख्यात है। अटलांटिक महासागर में 7,00,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला यह इलाका जहाजों और विमानों को गायब कर देने के लिए जाना जाता है। आजतक यह रहस्य नहीं सुलझ पाया कि आखिर यहां विमानों और बड़े जहाजों के साथ होता क्या है, वह यहां से कैसे लापता हो जाते हैं। दुर्भाग्य से यह बहुत ही व्यस्त समुद्री मार्ग भी है और इसलिए लापता होने वाली घटनाएं हमेशा चिंता की वजह रही है। मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक कार्ल क्रुजेलनिकीने कहा है, 'यह भूमध्य रेखा के नजदीक है, दुनिया का धनाढ्य इलाका अमेरिका पास में है, इसलिए यहां बहुत ज्यादा ट्रैफिक है। '

1945 की फ्लाइट 19 के गायब होने से बदनाम हुआ

1945 की फ्लाइट 19 के गायब होने से बदनाम हुआ

क्रुजेलनिकी ने सिडनी यूनिवर्सिटी से फेलोशिप की है। उन्होंने बरमूडा ट्रायंगल से लापता होने वाले फ्लाइट 19 के बारे में व्याख्या करके अपनी बात रखी है, जिसके चलते इसको लेकर अटकलों की शुरुआत हुई थी। ये 5 अमेरिकी नेवी टीबीएम एवेंजर टारपीडो बमवर्षकों की एक उड़ान थी, जो 5 दिसंबर, 1945 को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित फोर्ट लॉडरडेल से अटलांटिक के ऊपर नियमित 2 घंटे की ट्रेनिंग मिशन के लिए निकली थी। बेस से रेडियो संपर्क टूटने के बाद सभी पांचों विमान लापता हो गए, जिनका और उनपर सवार 14 क्रू मेंबर के बारे में कभी कोई सूचना नहीं मिली। बाद में दावा किया गया कि उसी रात राहत और बचाव के लिए पीबीएम मैरीनर सीप्लेन भी भेजा गया, लेकिन वो भी अपने 13 क्रू मेंबर के साथ लापता हो गया। बाद में 1964 में फ्लाइट 19 को लेकर एक लेख लिखा गया, जिससे बरमूडा ट्रायंगल की भयानकता और बढ़ गई है।

फ्लाइट 19 के गायब होने को लेकर बड़ा दावा

फ्लाइट 19 के गायब होने को लेकर बड़ा दावा

क्रुजेलनिकी ने फ्लाइट 19 के गायब होने की बहुत ही सामान्य व्याख्या करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा है कि उस समय समुद्र में 15 मीटर ऊंची लहरें उठ रही थीं, जो कि उड़ान के लिए आदर्श स्थिति नहीं थी। इनका दावा है कि उन अमेरिकी विमानों में सिर्फ चार्ल्स टेलर ही एकमात्र सबसे अनुभवी पायलट थे जो कि उसे लीड कर रहे थे; और दुर्घटना की वजह उनसे हुई मानवीय भूल सबसे बड़ा कारण हो सकती है। रेडियो ट्रांसकृप्ट से पता चलता है कि फ्लाइट 19 अपनी स्थिति को लेकर उलझन में थे। इससे पता चलता है कि लेप्टिनेंट टेलर को लग रहा था कि उनका कंपास सही काम नहीं कर रहा है और वे फ्लोरिडा के ऊपर हैं, लेकिन बाद में ग्राउंड स्टाफ के विश्लेषण से पता चलता है कि वे बहामास द्वीप के पास दक्षिण-पूर्व की ओर थे। इनका दावा है कि उन्होंने जूनियर पायलट के सुझावों को भी नहीं माना और पश्चिम जाने की जगह पूर्व की ओर चले गए। इस तरह से वह अटलांटिक में उस जगह चले गए जहां समुद्र की गहराई बहुत ज्यादा थी, इसलिए विमान का मलबा या शवों को खोज पाना नामुकिन हो गया। बाद में जो राहत और बचाव के लिए सीप्लेन भेजा गया था, वह क्रुजेलनिकी के मुताबिक हवा में ही धमाके में उड़ता देखा गया था।

 बरमूडा ट्रायंगल को लेकर पहले कई तरह के तर्क दिए गए हैं

बरमूडा ट्रायंगल को लेकर पहले कई तरह के तर्क दिए गए हैं

लेकिन, बरमूडा ट्रायंगल का रहस्य इंसानी दिमाग में इतना घर कर गया कि 1977 में स्टीवन स्पीलबर्ग ने इसपर एक फिल्म भी बना दी, जिसमें दिखाया गया कि फ्लाइट 19 और उसके क्रू को एलियंस अगवा करके ले गए। कुछ लोगों ने जहाजों के गायब होने के पीछे मीथेन गैस रिलीज होने से भी जोड़ दिया, जो जहाज को गहरे समुद्र के नीचे खींच लेते हैं। लेकिन, सच्चाई ये है कि यह दुनिया के लिए अभी तक रहस्यमयी ही बना रहा है और इसके पीछे कोई ठोस कारण सामने नहीं आ पाया है।

 अलौकिकता से नाता नहीं- वैज्ञानिक का दावा

अलौकिकता से नाता नहीं- वैज्ञानिक का दावा

लेकिन, ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक ने अपने अध्ययन के आधार पर दावा किया है कि बरमूडा ट्रायंगल से जहाजों और विमानों का गायब होना संभवत: अलौकिकता से संबंधित तो नहीं है। कार्ल क्रुजेलनिकी ने इस बात पर जोर दिया है कि बिना किसी निशान छोड़े इस तरह से लापता होने की घटनाओं का एलियंस या गायब हुए शहर एटलांटिस से भी लेना-देना नहीं है। उनके मुताबिक बहुत ज्यादा संख्या में गायब होने की घटनाएं अलौकिकता से ज्यादा मानवीय गलतियों और खराब मौसम से संबंधित हो सकती हैं, क्योंकि इस मार्ग पर बहुत ज्यादा ट्रैफिक है। उन्होंने कहा है, 'लॉयड ऑफ लंदन और अमेरिकी कोस्टगार्ड के मुताबिक बरमूडा त्रिकोण से गायब होने वाली संख्या का प्रतिशित और दुनिया के किसी भी दूसरे भाग के बराबर ही है।'(तस्वीरें- सांकेतिक)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+