सेल्फी के चक्कर में ज्वालामुखी में गिरा लड़का, अब तक 50 से ज्यादा बार फट चुका है वॉल्केनो
सेल्फी के चक्कर में ज्वालामुखी में गिरा लड़का, अब तक 50 से ज्यादा बार फट चुका है
नई दिल्ली। सेल्फी की दीवानगी आपको किस कदर खतरे में डाल सकती है, इसका नमूना इटली में देखने को मिला, जहां एक शख्स सेल्फी के चक्कर में ज्वालामुखी में जा गिरा। अमेरिका के रहना वाला 23 साल का ये ट्यूरिस्ट अपने 3 फैमिली मेंबर्स के साथ मिलकर इटली घूमने आया था। सब इटली के मशहूर माउंट विसुवियस (Mount Vesuvius) ज्वालामुखी देखने पहुंचे। परिवार के लोग और दोस्त नीचे ही रह गए गए, लेकिन लड़का नहीं माना और वो माउंट विसुवियस ज्वालामुखी के मुंह तक पहुंच गया।

सेल्फी का भूत था सवार
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लड़की माउंट विसुवियस ज्वालामुखी के मुहाने पर जाकर सेल्फी लेना चाहता था। उसके साथ आए लोगों ने उसे रोका भी, लेकिन वो नहीं माना और ज्वालामुखी के मुंह तक पहुंचकर फोटो खींचने लगा। वो सेल्फी ले ही रहा था कि उसका पैर फिसल गया जिससे वो सीधे उसके अंदर जा गिरा। उसके गिरते ही वहां अफरा-तफरी मच गई।

सेल्फी के चक्कर में ज्वालामुखी में गिरा शख्स
वहां मौजूद लोगों के मुताबिक सेल्फी लेते वक्त उसका फोन ज्लावामुखी के क्रेटर में गिर गया था। वो उसी को उठाने की कोशिश में नीचे उतरा और फिसलकर नीचे जा गिरा। ज्वालामुखी में पर्यटक के गिरने की सूचना मिलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। फौरन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस की कई टीमें लगाई गई, एक हेलीकॉप्टर भी मौजूद रहा। कई घंटों की मश्ककत के बाद उसे ज्वालामुखी से बाहर निकाला गया।

इसी ज्वालामुखी ने पोम्पेई शहर को किया था जलाकर राख
आपको बता दें कि ये ज्लावामुखी दुनिया के फेमस वॉलकेनो में से एक है। इस ज्वालामुखी में विस्फोट के कारण पोम्पेई शहर राख हो गया था। सेल्फी के चक्कर में इस शख्स ने अपने जान को जोखिम में डाला। हालांकि उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन पुलिस ने उसपर केस दर्ज कर लिया है। उसपर ट्रेसपासिंग के चार्ज लगाए गए हैं।

50 बार फट चुका है ये ज्वालामुखी
इटली का ये ज्वालामुखी जब 1900 साल पहले फटा था तो इसने भारी तबाही मचाई थी। इस ज्वालामुखी के बहते लावे ने शहर को जलाकर राख कर दिया। लावे के कारण इतनी गर्मी हुई कि लोगों का खून उबलने लगा और हजारों की संख्या में लोगों की मौत हो गई। नेपल्स की खाड़ी में स्थित इस ज्वालामुखी को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया गया है। अब तक ये ज्वालामुखी 50 से ज्यादा बार फट चुका है।

पत्थर बन गए थे लोग
रिपोर्ट के मुताबिक ज्वालामुखी फटने के बाद वहां का तापमान 250 डिग्री तक पहुंच गया था। इस तापमान के कारण इंसानों की मौत हो गई। इतिहास में मौजूद जानकारी के मुताबिक इस ज्वालामुखी में विस्फोट के कारण 20 हजार लोगों की मौत हो गई थी। बाद में पत्थर बनें इंसानों के शव के अवशेष खुदाई में मिले थे।












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