क्या आपने देखा रियल लाइफ का मोगली!, इंसानों की आदत के कारण चली गई थी उसकी जान
जंगल बुक के मोगली की कहानी आपने फिल्मी पर्दे पर देखी होगी। लेकिन, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के जंगलों से एक रियल लाइफ का मोगली मिला था, जो भेड़ियो के साथ रहता था, जानिए उसकी पूरी कहानी।

बचपन में आपने जंगल बुक टीवी शो जरूर देखा होगा, जिसमें एक मोगली नाम का बच्चा जंगल के परिवेश में बड़ा होता है और जानवरों के बीच रहकर उनका ही लाइफस्टाइल अपना लेता है। वो महज आपको एक काल्पनिक कहानी ही लगती होगी। लेकिन, क्या आपको पता है भारत में एक लड़का असल में रियल लाइफ मोगली था।
फिल्मों में तो आपने मोगली का किरदार आपको काफी पसंद आया होगा लेकिन, रियल लाइफ के इस मोगली की कहानी उतनी आसान नहीं थी। इस लड़के का नाम दीना सनीचर था। 1800 के दशक में पैदा हुआ इस शख्स को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में अंग्रेज शिकारी पकड़ कर लाए थे। अंग्रेज शिकारियों ने देखा कि एक लड़का भेड़ियों के साथ जंगल के चक्कर लगा रहा था।
ये बच्चा भेड़िए के जैसे ही दोनों हाथ और पैर से चल रहा था। शिकारियों ने बच्चे का पीछा किया तो डर के कारण बच्चा और भेड़िया एक गुफा में छिप गए। अंग्रेज शिकारियों ने गुफा में आग लगा दी। इसके बाद दोनों को बाहर निकलना पड़ा तो शिकारियों ने भेड़िए को गोली मार दी। और उस बच्चे को पकड़ कर साथ ले आए। उस समय उसकी उम्र 6 साल थी।
आगरा के अनाथालय में वो कुछ समय रहा जहां उसका नाम दीना सनीचर रख दिया गया। वो जानवरों की तरह आवाजें निकालता था। इसके बाद उसने दो पैर पर चलना सीख लिया। वो कच्चा मांस और बिना कपड़ों के रहना पसंद करता था। साथ ही वो कुछ समय में प्लेट में खाना रखकर तो खाने लगा था लेकिन वो खाने से पहले खाना को सूंघता जरूर था।
दीना सनीचर ने इंसानों से एक चीज बड़ी तेजी से सीखी और वो है धूम्रपान, जो आगे चलकर उसकी मौत का कारण भी बनी। दीना सनीचर को टीबी हो गई, जिस कारण उसकी 29 साल में ही मौत हो गई।












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