आईटी कंपनी में काम करने वाला शख्स साइकिल से लंदन के लिए हुआ रवाना, जानें क्यों ?
आईटी कंपनी में काम करने वाला शख्स साइकिल से लंदन के लिए हुआ रवाना, जानें क्यों ?
तिरुवनंतपुरम, 17 अगस्त: केरल में पूर्व में एक आईटी कंपनी में काम करने वाला शख्स लंदन तक साइकिल से यात्रा करने के लिए रवाना हो चुका है। ये शख्स है आईटी प्रोफेशनल अशरु अली जिनके एकल अभियान को राज्य के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने झंडी दिखाकर रवाना किया। आइए जातने वो ये यात्रा क्यों कर रहे हैं और कितने दिनों ये यात्रा पूरी होगी?

साइकिल पर एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप की यात्रा करना हममें से अधिकांश के लिए सुपर क्रेजी लगता है। केरल के फैज अशरफ अली सोमवार को राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम से लंदन के लिए अपनी साइकिल पर यात्रा पर निकले है।
जानें इस साइकिल यात्रा का है क्या है उद्देश्य
उनकी ये यात्रा "आजादी का अमृत महोत्सव" अभियान के सम्मान में है, जिसे देश के 75 वें स्वतंत्रता दिवस को चिह्नित करने के लिए शुरू किया गया था।34 वर्षीय इस शख्स ने इसके माध्यम से शांति और प्रेम का संदेश फैलाने की उम्मीद करते हैं साहसिक यात्रा शुरू की फैज अशरफ अली लंदन की अपनी साइकिल यात्रा पर 35 देशों को कवर करेंगे।
450 दिनों में लंदन उनके पहुंचने की उम्मीद है
"इको व्हीलर्स" द्वारा "दिल से दिल तक" स्लोगन के साथ आयोजित अली 35 देशों में 30,000 किमी की दूरी तय करेंगे। 450 दिनों में लंदन उनके पहुंचने की उम्मीद है। अली अपनी साइकिल से मुंबई जाएंगे और फिर ओमान के लिए फ्लाइट से जाएंगे। वह यूएई, सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, इराक, ईरान और तुर्की सहित देशों को पार करते हुए वहां से अपनी साइकिल यात्रा जारी रखेंगे।
नहीं जाएंगे चीन और पाकिस्तान
इस दौरान वो पाकिस्तान और चीन की यात्रा नहीं जाएंगे क्योंकि उन्हें दोनों देशों में वीजा नहीं दिया गया है। वह रोमानिया, यूक्रेन, ऑस्ट्रिया, इटली, जर्मनी और फ्रांस आदि यूरोपीय देशों के माध्यम से भी पेडलिंग करेंगे। उनकी साइकिल संयुक्त अरब अमीरात स्थित यात्रा और सामान सहायक कंपनी द्वारा प्रायोजित है और उन्हें रोटरी इंटरनेशनल द्वारा भी समर्थित किया जाता है।
इससे पहले सिंगापुर तक कर चुके हैं साइकिल यात्रा
पहले अली एक आईटी प्रोफेशलन के तौर पर करते थे। हालांकि, उन्होंने इसे तब छोड़ दिया जब उन्हें साइकिल चलाने और यात्रा करने के अपने प्यार का एहसास हुआ। विप्रो में आईटी की नौकरी छोड़ने के बाद वह 2019 में अपने पहले एकल अभियान पर चला गए। अली अपने गृहनगर कोझीकोड से सिंगापुर की यात्रा कर चुके हैं।












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