रिसर्च में चौंकाने वाला दावा! पांच साल बाद लैब में पैदा होंगे बच्चे, नहीं होगी मां-बाप की जरूरत
हाल ही में जापान में हुई एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि आने वाले समय में बच्चे लैब में पैदा होंगे। चौंकाने वाली इस रिसर्च को वैज्ञानिकों की एक टीम ने पहले चूहों पर किया।

Lab grown babies: घोर कलयुग आ गया है... अब कुछ भी असंभव नहीं है... इस दुनिया में पता नहीं क्या-क्या हो रहा है। ये सब बातें आपने लोगों के मुंह से जरूर सुनी होंगी। और सच भी है। कलयुग का तो पता नहीं लेकिन हां साइंस ने इतनी तरक्की जरूर कर ली है कि आजकल कुछ भी असंभव नहीं लगता।
रिसर्च में चौंकाने वाला दावा
अकसर वैज्ञानिक अपने शोध में हुई स्टडी से लोगों को चौंका देते हैं। एक बार फिर ऐसा ही हुआ जापान में। बिना मां-बाप के बच्चों के इस दुनिया में आने की बात मजाक से कम नहीं लगती। लेकिन आपको बता दें ये मजाक नहीं है।
लैब में तैयार हो्ंगे बच्चे
जी हां! जापान के वैज्ञानिकों का दावा है कि आने वाले वक्त में बच्चे लैब में तैयार होंगे। सुनने में ये बात कितनी अजीब लग रही है लेकिन सच है। महज 5 सालों के अंदर ये संभव हो जाएगा। वैज्ञानिक स्पर्म और अंडे बना चुके हैं और आने वाले समय में वे इससे भ्रूण विकसित करेंगे।
क्या बोले वैज्ञानिक?
यानी कि आने वाले समय में बच्चे लैब में पैदा होने लगेंगे। डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूशू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कत्सुहिको हयाशी ने कहा कि हम जल्द पूरी दुनिया में इसका ऐलान करते हैं कि हम बेहद करीब हैं। हमने कुछ साल पहले चूहों पर प्रयोग किया था और सफल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि अब किसी भी उम्र की महिला के पास बच्चा होगा। जैसा जीन माता-पिता चाहेंगे, वैसा डाला जाएगा।
चूहों पर हुआ था प्रयोग
हयाशी ने आगे कहा कि मां बाप बच्चों में जैसे गुण चाहेंगे, वैसे ही डाले जाएंगे। पूरी तरह से एक आदर्श बच्चा सबके सामने आएगा। बताते चलें कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल करके वैज्ञानिकों की टीम ने सात चूहे बनाए थे। इसमें एक मेल चूहे की कोशिकाओं के इस्तेमाल से एग तैयार किया था। बाद में इसे फर्टिलाइज किया गया। यहीं से वैज्ञानिकों ने ह्यूमन बेबी को भी तैयार करने के बारे में सोचा।
पांच साल बाद तैयार होंगे बच्चे?
वैज्ञानिकों का दावा है कि वे अंडे और स्पर्म बना सकते हैं लेकिन भ्रूण के निर्माण में कुछ वक्त लगेगा। इस काम में पांच साल तक लग सकते हैं। हालांकि ये पूरा प्रोसेस काफी सुरक्षित रहेगा। हालांकि, स्टैनफोर्ड यूनिवर्स्टी के प्रोफेसर हेनरी ग्रीली ने कहा कि इसकी विश्वसनीयता पाने में 10 साल भी लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर 25 साल भी लग गए तो भी कोई आश्चर्य नहीं होगा। इससे लोगों को बांझपन जैसी परेशानियों से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा।












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