रूस-यूक्रेन युद्ध: जब मेरे दोस्त मारा गया तो लगा अब हमें कोई बचाने नहीं आएगा, एक भारतीय छात्रा की आपबीती

यूक्रेन में फंसी एक भारतीय छात्रा सौम्या थॉमस ने बीबीसी से हुई बातचीत में आपबीती बयां की है। सौम्या के दोस्त और भारतीय छात्र नवीन एस ज्ञानगौदर की मंगलवार को एक सैन्य हमले में मौत हो गई।

कीव, 2 मार्च। रूस द्वारा यूक्रेन पर बमबारी का आज सातवां दिन है। दोनों देशों के बीच जारी इस जंग में यूक्रेन के हजारों लाखों घर उजड़ चुके हैं। रूसी सेना स्कूल, घरों सभी को निशाना बना रही है। यूक्रेन में फंसी एक भारतीय छात्रा सौम्या थॉमस ने बीबीसी से हुई बातचीत में आपबीती बयां की है। सौम्या के दोस्त और भारतीय छात्र नवीन एस ज्ञानगौदर की मंगलवार को एक सैन्य हमले में मौत हो गई। जब यह हादसा हुआ उस समय वह खार्किव में बंकर से बाहर नकलकर खाना खरीदने के लिए जा रहे थे।

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एक टाइम खाना खाकर बंकर में गुजारी रातें

एक टाइम खाना खाकर बंकर में गुजारी रातें

सौम्या ने बताया कि बमबारी की रात किराने की दुकान में हमारे हाथ जो लगा हमने वह सब कुछ समेटा और एक पास के बंकर में शरण ली। नवीन सहित ये सभी खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्र थे। सौम्या ने बताया कि ये बंकर बेहद गंदा था, इसमें घुप अंधेरा था और पीने का पानी तक नहीं था, इसलिए हमें पाइप का पानी पीना पड़ा। समय-समय पर विस्फोट होते रहे और जब खाना खत्म हो जाता था, तो हम दिन में केवल एक बार भोजन कर अपना समय गुजारते थे। सौम्या ने कहा कि हम बंकर में इस उम्मीद से रहे कि भारत सरकार जल्द ही कार्रवाई करेगी और उन्हें बचाएगी, लेकिन तभी मेरे दोस्त की मौत हो गई और मैंने सोचा कि अब हमें कोई बचाने नहीं आ रहा।

विस्फोट की आवाज से कांप जाती थी रूह

विस्फोट की आवाज से कांप जाती थी रूह

22 साल की भारतीय छात्रा सौम्या थॉमस उस पल को याद करती है जब वह कई दिन पहले खार्किव में अपने कॉलेज के हॉस्टल से भागी थी। सौम्या ने कहा, 'हम सो रहे थे तभी एक आवाज सुनाई दी 'विस्फोट, जिससे हम सिहर गए और बिस्तर से उठ खड़े हुए। पूरी इमारत हिल गई।' यूक्रेन पर रूसी सेना के हमलों ने वहां फंसे सौम्या जैसे हजारों छात्रों को झकझोर कर रख दिया है, वे सहमे हुए हैं।

भारती छात्रों को यूक्रेन से निकालने के प्रयास जारी

भारती छात्रों को यूक्रेन से निकालने के प्रयास जारी

बता दें कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीय छात्रों को वापस लाने का प्रयार तेजी से जारी है। मिशन गंगा के तहत अब तक यूक्रेन से 12,000 छात्रों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, लेकिन अभी भी हजारों की संख्या में भारतीय छात्र वहां फंसे हुए हैं। अपनी जान बचाने के लिए उन्होंने बंकरों में शरण ले रखी है।

यूक्रेन का दावा- अब तक मारे गए 5,840 रूसी सैनिक

यूक्रेन का दावा- अब तक मारे गए 5,840 रूसी सैनिक

यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी सेना ने अब तक 5,840 रूसी सैनिकों को मार गिराया है। हालांकि अभी तक इस आंकड़े की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय का मानना है कि यूक्रेन पर हमले के दौरान मास्को की सेना को भारी नुकसान हुआ है।

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