सैलून में बाल धुलवाते समय महिला को आया 'ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम', अस्पताल में होना पड़ा भर्ती

हैदराबाद में एक सैलून में हेयर वॉश कराते समय एक महिला को "ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम" आ गया। जिसकी वजह से महिला को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि हेयर कट के बाद बालों को हेयर बेसिन में वॉश करते समय महिला की नश दब गई थी, जिसकी वजह से बल्ड का सर्कुलेशन रुक गया था। इसकी वजह से महिला तिरछी होकर भी चलने लगी थी।

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1993 में भी आ चुका है ऐसा मामला

1993 में भी आ चुका है ऐसा मामला

यह कोई पहला मामला नहीं है, जब पॉर्लर में हेयर के दौरान इस तरह का केस आया है। इससे पहले 1993 में भी इस तरह का एक मामला आया था। ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम को अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में डॉ. माइकल वेनट्राब की तरफ से उजागर किया गया था। उन्होंने ब्यूटी सैलून में बाल धोने के बाद पांच महिलाओं को गंभीर न्यूरोलॉजिकल लक्षण से गुजरते हुए देखा था। इस बीमारी की वजह से महिलाओं में चक्कर आना, संतुलन की हानि और चेहरे की सुन्नता देखने को मिली थी।

नश दबने की वजह से आया स्ट्रोक

नश दबने की वजह से आया स्ट्रोक

हैदराबाद की 50 वर्षीय महिला का इलाज करने वाले डॉक्टरों ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को इस स्ट्रोक के बारे में जानकारी दी। डॉक्टरों के मुताबिक मस्तिष्क की कुछ नशे हेयर वॉश के दौरान दब गई थीं, वहीं,जब महिला ने बाल धुलवाने के लिए अपनी गर्दन को पीछे झुकाया तो स्ट्रोक आ गया।

गर्दन और सिर को जोर से दबाने की वजह से आता है स्ट्रोक

गर्दन और सिर को जोर से दबाने की वजह से आता है स्ट्रोक

केएमएस सिकंदराबाद के सलाहकार न्यूरोलॉजिस्ट डॉ प्रवीण कुमार यादा जो कई वर्षों से स्ट्रोक के मामलों को देख रहे हैं। उन्होंने बताया ऐसा तब होता है जब मालिश करने वाला गर्दन और सिर को जोर से दबाता है। वहीं, कभी-कभी मालिश करने वाला गर्दन को फोड़ भी देता है। इससे नशों में ब्लड का सर्कुलेशन प्रभावित होता है और स्ट्रोक आ जाता है। डॉक्टर यादा ने बताया कि सभी तरह के स्ट्रोक के मरीजों की तरफ हेयर वॉश कराने वाली महिला को भी हमेशा के लिए दवा दी गई है।

जानें क्या होता पॉर्लर स्ट्रोक सिंड्रोम

जानें क्या होता पॉर्लर स्ट्रोक सिंड्रोम

फोर्टिस अस्पताल, नोएडा के न्यूरोलॉजी के डॉयरेक्टर डॉ. ज्योति बाला शर्मा की मानें तो धमनियों के बगल में गर्दन की कोई भी प्रक्रिया या हेरफेर स्ट्रोक का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि गर्दन में दो प्रमुख धमनियां होती हैं, दो आगे और दो पीछे। पीछे की धमनियों को कशेरुका धमनियों के रूप में जाना जाता है और ये ग्रीवा कशेरुक या गर्भाशय ग्रीवा की हड्डी से गुजरती हैं। जब भी ब्यूटी पार्लर प्रक्रिया के दौरान कायरोप्रैक्टिक की तरह एक गर्दन में हेरफेर होता है, तो इससे धमनियों में आंसू आ सकते हैं और एक थक्का बनना शुरू हो जाता है। इस थक्के के कारण, मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति बाधित होती है और यह स्ट्रोक का कारण बन सकता है।

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