रात भर बारातियों के संग पैदल चलकर दुल्हन के घर शादी करने पहुंचा दूल्हा, जानें क्या थी मजबूरी ?
ओडिशा का एक दूल्हा अपनी शादी वाले दिन समय पर पहुंचने के लिए वो रात भर पैदल चला। आइए जानते हैं आखिर उसकी क्या मजबूरी थी।

दूल्हें की बारात में बैंड बाजा तो होता ही है और दूल्हा शान से सजी-धजी गाड़ी में सवार होकर अपनी बारात ले जाता है। वहीं सोशल मीडिया पर ओडिशा के एक दूल्हें की जमकर चर्चा हो रही है। दरअसल, ये दूल्हा अपनी दुल्हन से शादी करने के लिए रात भर पैदल चल कर पहुंचा। अकेला दूल्हा हीं नहीं उसके सगे रिश्तेदार और घर वाले जो बाराती थी वो रात भर पैदल चलकर शादी करवाने पहुंचे। आइए जातने है आखिरकार ऐसी क्या मजबूरी थी कि दूल्हा को रात भर पैदल चल कर दुल्हन के घर शादी करने जाना पड़ा?

जानेंं कहां का है ये वाकया
आपको जानकर हैरानी होगी दूल्हे और उसके परिवार के सदस्यों को शादी के लिए ओडिशा के रायगड़ा जिले में दुल्हन के गांव पहुंचने के लिए 28 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा । दूल्हा अपने बारातियों के साथ ओडिशा के कल्याणसिंहपुर प्रखंड के सुनखंडी पंचायत से गुरुवार को पूरी रात पैदल चलकर दिबालापाडू गांव पहुंचे, जहां शुक्रवार को उन्होंने शादी थी ।

जानें दूल्हे की क्या थी मजबूरी
सोशल मीडिया पर दूल्हा और उसके परिवार के सदस्यों सहित कुछ महिलाओं को रात में सजधज कर जाते हुए वीडियो वायरल हो रहे है। दरअसल, इसकी वजह थी कि शादी के ठीक एक दिन पहले ड्राइवरों की हड़ताल हो गई थी । जिस कारण उसे अपनी शादी में जाने के लिए एक भी गाड़ी नहीं मिली।

शादी के बाद दुल्हन के घर बारातियों को रुकना पड़ा
दूल्हे के परिवार के सदस्यों ने कहा हड़ताल के कारण कोई वाहन उपलब्ध नहीं था। हम गांव पहुंचने के लिए पूरी रात चले। इसके अलावा हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। शुक्रवार सुबह दोनों का निकाह की रस्म अदायगी की गई। निकाह के बाद भी दूल्हा और उसके परिवार के सदस्य दुल्हन के घर पर ही रुके रहे और ड्राइवरों के संघ द्वारा हड़ताल वापस लेने का इंतजार करते रहे । ताकी हड़ताल खत्म होने पर वो दुल्हन को विदा कराकर अपने घर ले जाएं

जानें क्यों ओडिशा में ड्राइवरों ने की हड़ताल
बता दें ओडिशा ड्राइवरों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। चालक एकता महासंघ ने बीमा, पेंशन, कल्याण बोर्ड के गठन और अन्य जैसे सामाजिक कल्याण उपायों की मांग को लेकर बुधवार से राज्य भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। जिसके बाद दो लाख से अधिक वाहन चालकों की हड़ताल से आम जनजीवन बहुत प्रभावित हुआ । इस हड़ताल के चलते नौकरीपेशा और पर्यटक कई जगहों पर फंसे रहे। इस हड़ताल से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि हुई है।

सरकार के आश्वासन के बाद स्थगित की गइ हड़ताल
हालांकि ओडिशा में कामर्शियल वाहन चालकों की हड़ताल शुक्रवार को राज्य सरकार ने उनकी सभी मांगों को पूरा करने के आश्वासन के बाद 90 दिनों के लिए स्थगित कर दी गई। मुख्य सचिव पी के जेना और डीजीपी एस के बंसक द्वारा हड़ताल कर रहे चालकों से हड़ताल वापस लेने की अपील करने के कुछ घंटे बाद ही चालक एकता महासंघ ने यह घोषणा की।
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