शख्स ने 5 साल तक कंपनी को बनाया बेवकूफ, 'बिना कुछ काम' किए लिया प्रमोशन और इंक्रीमेंट
नई दिल्ली, 21 दिसंबर। कोरोना वायरस महामारी के चलते देशभर में लोग काफी समय से 'वर्क फ्रॉम होम' कर रहे हैं। घर से काम करने में किसे मजा नहीं आता, इसके अलावा अगर कंपनी का कोई प्रेसर ना हो और समय-समय पर वेतन बढ़े, प्रमोशन मिले तो सोने पर सुहागा। हालांकि ऐसा बहुत कम बार ही देखा गया है कोई कंपनी अपनी कर्मचारियों पर इतनी मेहरबान हो। हाल ही में एक शख्स ने बताया कि उसे कंपनी में बिना कोई काम किए प्रमोशन और सैलरी हाइक मिली है।

कंपनी में करता था डाटा एंट्री
सोशल मीडिया पर एक शख्स ने अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि उसने 2015 में नाइट शिफ्ट में डाटा एंट्री की जॉब पर कंपनी ज्वाइन की थी। शख्स ने कहा, मेरा काम डाटा एंट्री का था, मतलब मुझे एक ईमेल मिलता है जिसमें एक आदेश का विवरण होता। बस उसे हमें अपने सिस्टम में फीड करना होता था। ट्रेनिंग के बाद वह जानता था कि वह इस काम को करने के लिए कोडिंग का इस्तेमाल कर सकता है।

कोडिंग के जरिए अपने काम को बनाया आसान
शख्स ने बताया कि उसे कोडिंग करना नहीं आता था, इसलिए उसने कोड बनाने के लिए एक फ्रीलांसर को काम पर रखा। इसके लिए उसने अपनी दो महीने की सैलरी जितना खर्च किया। अब उसे ऑफिस में बैठे-बैठे बस इतना करना था कि उसे बस प्रति घंटे कितने ऑर्डर में बदलाव करना है, सिर्फ उसका इनपुड डालना था। शख्स ने कहा, 'पहले दिन से मैं घर से काम कर रहा था क्योंकि कंपनी शिफ्ट होने के लिए परिवहन या सफाई के लिए भुगतान नहीं करना चाहती थी'।

घर में मौज-मस्ती के साथ करता था काम
शख्स ने आगे कहा, 'पहले 2 वर्षों तक मैं ये चेक करता था कि क्या कुछ ऐसा है जो कोड नहीं किया जा सकता। फिर में उस काम को कोडिंग में जोड़ता और इसके बाद मैं कंप्यूटर को चलता छोड़ फिल्में देखता, बेड पर सोता और कभी-कभी बाहर घूम भी आता।' इतना ही नहीं शख्स ने बताया कि कई बार उसके अच्छे काम के लिए अलग-अलग कंपनी की तरफ से प्रमोशन का ऑफिर मिला था।

कई कंपनियों से मिला जॉब का ऑफर
शख्स ने कहा, 'मुझे कई बेहतर नौकरियों के प्रस्ताव मिले लेकिन उन्होंने उन्हें यह कहकर इनकार कर देता था कि जहां मैं काम कर रहा हूं वहां छोड़ने का कोई कारण नहीं है।' शख्स ने कहा, 'कभी-कभी कुछ सहकर्मी मेरे ऑर्डर एंट्री कोटा को क्रॉस चेक किया करते थे, जिससे मेरे कोड का खुलासा हो सके, लेकिन मैं नियमित रूप से नंबर बदलता रहता था, लेकिन कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया।

कंपनी को उसी काम में लगे 4 साल
इतना ही नहीं ऑफिस में कभी ऑफ (छुट्टी) नहीं लेने के लिए दो बार शख्स की सैलरी बढ़ाई गई। कंपनी को यही कोड विकसित करने के लिए 4 साल लगे जिसके बाद शख्स को किसी और पद पर भेज दिया गया। कर्मचारी ने कहा, कुछ सप्ताह पहले ही मुझे बताया गया कि मैं लैपटॉप और कार्यालय उपकरण रख सकता हूं, इसके अलावा कंपनी में किसी भी पद के लिए आवेदन कर सकता हूं। मैंने अपने रहस्य के बारे में कभी किसी को नहीं बताया, यहां तक की अपनी पत्नी को भी नहीं।
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