अनोखी पहल: भक्तों के कदमों से पैदा की जाएगी शिर्डी साईं दरबार में बिजली
मुंबई। देश-दुनिया में अपनी महानता और श्रद्धा की वजह से मशहूर शिर्डी साईं दरबार अब एक नया इतिहास रचने जा रहे है। साईं बाबा के इस दरबार में पहली बार कुछ ऐसा होने जा रहा है जो आज तक देश के किसी मंदिर में नहीं हुआ है। साईं मंदिर ने अनोखी पहल शुरू कर भक्तों के कदमों की मदद से मंदिर को जगमगाने का फैसला किया है। चौंकिए मत! दरअसल शिर्डी साईं मंदिर में भक्तों के कदमों से बिजली पैदा करने की योजना तैयार कर ली गई हैं। जी हां आपके चलने से भगवान का मंदिर जगमगाएगा। आइए इस अनोखी पहल के बारे में जानें....

भक्तों के कदमों से पैदा की जाएगी बिजली
शिर्डी स्थित साईं बाबा के दरबार में अपनी मनोकामनाएं तो पूरी होती ही है अब बाबा के दरबार में आपके चलने से बिजली पैदा की जाएगी। मंदिर जल्द ही भक्तों के कदमों से रोशन होगा। मंदिर के श्री साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट ने भक्तों के कदमताल से बिजली पैदा करने की योजना बनाई है।

कदमताल से मंदिर में होगी रोशनी
इस योजना के लिए मंदिर प्रबंधन ने एक प्राइवेट कंपनी के साथ मिलकर फुट एनर्जी तैयार करने का फैसला किया है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। श्री साईंबाबा संस्थान न्यास के अध्यक्ष सुरेश हवारे ने इस परियोजना के बारे में जानकारी दी और बताया कि कैसे भक्तों के कदम से मंदिर में बिजली पैदा की जाएगा।

रास्ते पर लगाए जाएंगे इक्विपमेंट
करीब 50,000 भक्त हर रोज बाबा के दर्शन करने शिर्डी साईं मंदिर आते है। ट्रस्ट की योजना है कि भक्तों के रास्तों में ऐसे एक्विपमेंट लगाए जाएंगे, जिसके चलने पर पैडल दबेंगे और फिर वापस सामान्य हो जाएंगे। इस तरह बार-बार दबने और सामान्य होने से उर्जा उत्पन्न होगी। चलने से उत्पन्न होने वाली उर्जा बिजली में बदली जाएगी और इस बिजली का इस्तेमाल मंदिर में लाइटें और पंखे चलाने में किया जाएगा।

देश में पहली बार हो रहा है ये प्रयोग
आपको बता दें कि देश में पहली बार ऐसा प्रयोग किया जा रहा है, जिसके तहत चलने से बिजली पैदा की जा रही है। माना जा रहा है कि इससे इतनी बिजली पैदा होगी कि उसकी मदद से 200 बल्ब और करीब 50 पंखे चलाए जा सकेंगे।

कचरे की मदद से बनेगी बिजली
कदमताल के अलावा मंदिर शिर्डी में रोजाना पैदा होने वाले 20 टन कचरे का भी इस्तेमाल गैस और बिजली बनाने केकरेगा। इन सब के अलावा शिर्डी साईं मंदिर ट्रस्ट आदिवासी तथा वंचित तबके के बच्चों के लिए आईएसएस प्रशिक्षण अकादमी शुरू करना। कैंसर अस्पताल बनाएगा, रोजाना रक्त शिविर लगाएगा और ठोस कचरे से उर्जा उत्पादन करने की योजना बनाएगा।












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