OMG! एक्स्ट्रा पॉकेट मनी के लिए 'विक्की डोनर' बन रहे हैं छात्र
भोपाल। कॉलेज जाने वाले लड़कों के पास खर्चों का अंत नहीं होता। अपने शौक और दिखावे के चलते भोपाल के कॉलेजों के लड़के कुछ भी करने को तैयार है। एक्स्ट्रा पॉकेट मनी पाने के चलते कॉलेट के छात्र 'विक्की डोनर' बनते जा रहे हैं। ट्रेन में पुरूष यात्री के साथ अश्लील हरकत, स्पर्म लूटकर ले गए अपराधी, आपबीती

पॉकेट मनी के लिए स्पर्म डोनेट
जी हां आपने सही सुना है। भोपाल कॉलेज के छात्र अपने स्पर्म बेचकर एक्स्ट्रा पॉकेट मनी कमाना चाहते हैं। अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक ये छात्र अपने स्पर्म बेचकर अपना शौक पूरा करते है। एक बार स्पर्म डोनेट कर उन्हें 500 से लेकर 2000 रुपए तक मिल जाते है। धूम्रपान से खराब होती है स्पर्म की क्वालिटी: शोध
दिल्ली-मुंबई से जुड़े तार
इन छात्रों को स्पर्म डोनेट करने संबंधी जानकारियों के लिए दिन में 5 से 7 फोन आते हैं। ज्यादातर फोन डॉक्टरों के आते हैं, जो उनसे अपने पेसेंट्स के लिए स्पर्म डोनेट करवाते है और बदले में उन्हें एक तय रकम दी जाती है।
कॉलेज छात्रों की तादात ज्यादा
जानकारों की माने तो आज के वक्त में 90 फीसदी स्पर्म डोनर कॉलेज के छात्र हैं। स्पर्म डोनेशन से पहले छात्रों का बैकग्राउंड, ब्लड ग्रुप और एचआईवी टेस्ट करवाया जाता है। जानकारों की माने तो कॉलेज के छात्र स्पर्म डोनेट करने को पॉकेट मनी निकालने का आसान रास्ता समझते हैं। टाइट जींस पहनने वालों में बढ़ जाते हैं नामर्दी के लक्षण
आसान नहीं है विक्की डोनर बनना
विक्की डोनर बनके पैसा कमाना आसान नहीं होता। इसके लिए कई चरणों से गुजरना होता है। स्पर्म डोनर को मेडिकल टेस्ट और जेनेटिक टेस्ट के अलावा अपने बैकग्राउंट की पूरी जानकारी देनी होती है। डॉक्टर्स इंटरव्यू के जरिए डोनर के सेक्सुअल बिहेवियर की जानकारी लेते है। डोनर का एचआईवी, हेपिटाइटिस बी और सी जैसे कई मेडिकल टेस्ट से होकर गुजरना पड़ता है। इसके बाद क्लीनिक और स्पर्म बैंक 2 से 6 महीने के बाद डोनर को स्पर्म डोनेट करने के लिए अनुमति देते है।












Click it and Unblock the Notifications