आखिरकार चंद्रमा पर 'एलियंस की झोपड़ी' के पास पहुंचा चीनी रोवर, नई तस्वीर से खोल दी सारी पोल
नई दिल्ली: चीन अंतरिक्ष में भी अपने कदम तेजी से बढ़ा रहा है। लंबे वक्त से उसकी नजर चंद्रमा पर है। वहां पर शोध के लिए काफी पहले चीन ने एक यान भेजा था, जिसका रोवर चंद्रमा की सतह पर एक्टिव है। पिछले महीने जब वो नियमित काम पर था, तभी उसको वहां से कुछ दूरी पर एक झोपड़ी जैसी चीज दिखी। जिसे 'एलियंस की झोपड़ी' नाम दिया गया था। अब चीनी रोवर ने उस तक पहुंचकर सारे राज खोल दिए हैं।

भेजी थी तस्वीर
चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक युतु -2 रोवर चंद्रमा पर जांच का काम कर रहा था। उसी दौरान उसने वहां से एक तस्वीर भेजी, जिसमें एक क्यूब के आकार की चीज दिख रही थी, लेकिन ये नहीं पता लग पाया कि वो क्या है। चीनी अधिकारियों को वो किसी खराब विमान का मलबा या एलियंस का घर लग रहा था। इसके अलावा जिस जगह पर रोवर पार्क था, वो उससे 80 मीटर की दूरी पर था। ऐसे में रोवर को तुरंत उसकी ओर भेजा गया।

बढ़ती गई लोगों की दिलचस्पी
वहीं चीनी स्पेस एजेंसी ने जैसे ही झोपड़ी नुमा चीज की फोटो जारी की, वैसे ही वो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। ज्यादातर लोग उसे एलियंस का घर मान रहे थे, लेकिन बहुत से एक्सपर्ट ने उसे एलियंस के खराब जहाज का मलबा बताया। जिस वजह से इस फोटो में लोगों की दिलचस्पी और बढ़ गई।

निकली पुरानी चट्टान
करीब एक पखवाड़े की मेहनत के बाद अब रोवर उस रहस्यमयी इलाके के पहुंच गया और उसकी नई तस्वीरें भेजी। जिसे देखकर वैज्ञानिकों की हंसी छूट पड़ी। दरअसल जिस चीज को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे थे, वो महज एक पुरानी चट्टान थी। दूर से फोटो लेने की वजह से वो अजीब आकार की दिख रही थी। फिलहाल इस चट्टान को 'जेड रैबिट' नाम दिया गया है।

2019 से काम कर रहा युतु-2
चीन ने युतु-2 रोवर को 2019 में चंद्रमा की सतह पर लैंड करवाया गया था। उसका काम वहां की तस्वीरें भेजना है। इसके अलावा वो लगातार चंद्रमा की सतह पर घूमकर उसके सैंपल ले रहा है। हालांकि युतु की रफ्तार काफी धीमी है, जिस वजह से उसे जेड रैबिट के पास पहुंचने में 30 दिन का वक्त लगा, जबकि उसकी दूसरी 60-70 मीटर ही थी।












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